पेट्रोल और डीजल पर 8 रुपये तक बढ़ सकती है एक्साइज ड्यूटी, संशोधन विधेयक पारित
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक तरफ जहां कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरवाट आ रही है वहीं भारत सरकार कच्चे तेल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोत्तरी करने जा रही है।

सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने का फैसला किया है जो इस आपदा से लड़ने के लिए के लिए आवश्यक होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ईंधनों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी को 8 रुपये प्रति बढ़ाने का संशोधन विधेयक पेश किया जिसे बिना चर्चा के पारित कर दिया गया।

इस संशोधन के बाद सरकार पेट्रोल पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी को प्रति लीटर 10 रुपये से बढ़ाकर 18 रुपये और डीजल पर 4 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति लीटर तक कर सकती है। इस वृद्धि से पेट्रोल और डीजल की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है।

यह वृद्धि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए है और 1 अप्रैल 2020 से लागू हो सकता है। एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि से सरकार को सालाना 39,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इस संशोधन से पेट्रोल और डीजल से मिलने वाल टैक्स कलेक्शन बढ़ कर 1.20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

बता दें, इससे पहले सरकार ने 14 मार्च को ईंधनों के उत्पाद शुल्क में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। दरअसल, इस समय कोरोना वायरस के कारण मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे प्राइस वॉर से कच्चे तेल की कीमतें काफी निचले स्तर पर आ गई हैं। सरकार इसको अपना वित्तीय घाटा कम करने के मौके के रूप में देख रही है।

वर्तमान में, पेट्रोल और डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी क्रमशः 22.98 प्रति लीटर और 18.83 रुपये प्रति लीटर है। 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर नई एक्साइज ड्यूटी 30.98 प्रति लीटर और डीजल पर 26.83 प्रति लीटर तक होगी।


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