Dobra Chandhi Jhula Bridge: आम नागिरकों के लिए खुला देश का पहला सिंगल-लेन मोटरेबल सस्पेंशन ब्रिज
हिमाचल प्रदेश के टिहरी गढ़वाल जिले में भारत के सबसे लंबे सिंगल-लेन मोटरेबल सस्पेंशन ब्रिज का हाल ही में शुभारंभ किया गया है। इस ब्रिज का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा किया गया है और अब इसे जनता के इस्तेमाल के लिए सौंप दिया गया है।

आपको बता दें कि इस ब्रिज को टिहरी गढ़वाल जिला मुख्यालय के साथ प्रतापनगर शहर के बीच की दूरी को कम करने और इस दौरान लगने वाले समय को कम करने के लिए बनाया गया है। जानकारी के अनुसार यह पुल 725 मीटर लंबा है।

यह डोबरा-चांटी सस्पेंशन ब्रिज देखने में बेहद शानदार लगता है और कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर वाहन चलाने के लिए काफी अनुभव की जरूरत होती है। लेकिन इस पुल के इस्तेमाल से यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा के समय को कम किया जा सकता है।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने इस पुल पर काम साल 2006 में शुरू कराया था और इसका साल 2008 तक पूरा होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन कई बाधाओं और चुनौतियों के कारण इसकी डिजाइन में कुछ खामियां निकलीं थी।

जिसके चलते इसकी लागत में भी बढ़ोत्तरी हुई और इसके निर्माण में देरी हो गई। हालांकि इतने सालों की देरी के बाद अब अंततः इस ब्रिज को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला गया है। माना जा रहा है कि इस पुल से प्रतापगढ़ और टिहरी के बीच पांच घंटे की यात्रा अब केवल 90 मिनट में पूरी हो जाएगी।

ऐसा इसलिए है क्योंकि स्थानीय लोग पहले इन दो जिलों के बीच यात्रा करने के लिए लगभग 85 किलोमीटर तक का एक घुमावदार संपर्क मार्ग इस्तेमाल कर रहे थे। जानकारी के अनुसार इस ब्रिज को बनाने में 2.95 करोड़ की लागत आई है।

सरकार का मानना है कि इस सस्पेंशन ब्रिज से न केवल स्थानीय लोगों को जल्दी यात्रा करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि "पुल का उद्घाटन राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है।"


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