Demand For Fuel Continue To Fall: फ्यूल की मांग में गिरावट जारी, उत्पादन क्षमता कम करेगी आईओसी
भारत की ईंधन मांग में जुलाई में पिछले पांच साल की सबसे बड़ी गिरावट हुई है। सरकारी आंकड़ों में मुताबिक देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है जिसके कारण देश के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा कई राज्यों में बाढ़ के कारण भी व्यवसाय ठप पड़ गया है अथवा सड़क मार्ग बाधित हैं।

देश में ईंधन की खपत 15.68 मिलियन टन तक गिर गई है। जुलाई 2020 में ईंधन की खपत में पिछले साल जुलाई के मुकाबले 11.7 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं जून के मुकाबले जुलाई में ईंधन की खपत 3.5 प्रतिशत कम हुई है।

डीजल की खपत, जो भारत के समग्र ईंधन उपयोग का लगभग दो-तिहाई है और व्यापक रूप से परिवहन के साथ-साथ देश की सिंचाई जरूरतों के लिए उपयोग की जाती है, पिछले महीने जून में 6.31 मिलियन टन से गिरकर जुलाई में 5.52 मिलियन टन हो गई है।

वार्षिक आधार पर, डीजल की मांग में लगभग 19.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। पेट्रोल की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 10.3 प्रतिशत गिरकर 2.26 मिलियन टन रही और जून की तुलना में यह 2.28 मिलियन टन से 0.8 प्रतिशत कम रही।

भारत दूनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता में से एक है। पिछले कुछ महीनों में तेल की कीमत बढ़ने से खुदरा व्यवसाय की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। नोवेल कोरोनावा वायरस से भारत में अब तक 20 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसके साथ भारत अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है।

इसके अलावा, भारी बारिश और बाढ़ ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है और कुछ भारतीय राज्यों में औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों को प्रभावित किया है।

भारत की शीर्ष रिफाइनर, इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी) ने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में (2020-21) कंपनी अपनी रिफाइनरियों की क्षमता को कम करेगी क्योंकि इस वर्ष तेल की मांग में बढ़ोतरी निम्न रहेगी।


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