EV Charging Station In Delhi: दिल्ली में 3 किलोमीटर पर होगा एक चार्जिंग स्टेशन, जानें
दिल्ली में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले लोगों को चार्जिंग की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। दिल्ली सरकार अगले एक साल में बड़ी संख्या में चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण करने वाली है। दिल्ली नगर निगम ने शहर के चौक चौराहों और रिहायशी इलाकों में चार्जिंग स्टेशन के निर्माण का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। निगम ने बताया है दिल्ली में कि 3 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध किया जाएगा।

दिल्ली नगर निगम की योजना के अनुसार दक्षिणी दिल्ली के 75, उत्तरी दिल्ली के 127 और पूर्वी दिल्ली के 93 इलाकों को चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया गया है। नई दिल्ली नगर निगम पहले ही 55 चार्जिंग स्टेशनों को शुरू कर चुकी है और एक अन्य प्रोजेक्ट में 45 स्टेशनों का निर्माण शुरू करने वाली है।

दिल्ली में कारों और दोपहिया वाहनों का घनत्व बहुत अधिक है, जिससे दिल्ली की हवा में वाहनों के प्रदूषण का बहुत अधिक योगदान होता है। यदि बड़ी संख्या में यात्रियों को इलेक्ट्रिक कारों और बसों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है, तो शहर में वायु प्रदूषण में बड़े स्तर पर कमी लाई जा सकती है।

निगम ने बताया कि लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं लेकिन उन्हें चार्ज करना उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले वर्षों में, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शहर में सीएनजी और पेट्रोल पंप के जैसे ही आसानी से उपलब्ध हों।

दक्षिण निगम पहले ही अपने अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक कारों का एक बेड़ा चला रहा है, जिसके कारण प्रति किलोमीटर परिवहन लागत में कमी के साथ प्रतिदिन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के मामले में भी कटौती का सफल प्रयोग हुआ है।

अधिकारियों का कहना है कि इनमें से अधिकांश चार्जिंग पॉइंट नगर निगम के पार्किंग क्षेत्रों में उपलब्ध होंगे, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्लॉट आरक्षित होंगे। चार्जिंग पॉइंट बनाने वाली कंपनी संबंधित निगम से प्रति घंटे के आधार पर या प्रति यूनिट के आधार पर परामर्श के बाद चार्जिंग दरों को तय करेगी।

चार्जिंग स्टेशनों पर डिस्चार्ज बैटरी को बदल कर नई बैटरी लगाने की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे चार्ज करने में लगने वाले समय की बचत की जा सकेगी और चार्जिंग अधिक आसान बनाया जा सकेगा।

नए भवन उपनियमों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग की जगह का 20 प्रतिशत आरक्षित करना अनिवार्य हो गया है। भविष्य में सभी परियोजनाओं के लिए, जिसमें मॉल, अस्पताल, सार्वजनिक भवन, हाउसिंग सोसाइटी भी शामिल हैं, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अनिवार्य किया गया है। इस तरह की योजनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने में मददगार साबित होंगी।

भारतीय शहरों में, दिल्ली कुल मिलाकर 38 मिलियन टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में सबसे बड़े उत्सर्जक के रूप में शीर्ष पर है। इसके बाद ग्रेटर मुंबई 22.7 मिलियन टन और चेन्नई में 22.1 मिलियन टन के साथ दूसरे और तीसरे उत्सर्जक हैं।

दिल्ली में आठ कारों के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले प्रति 1,000 आबादी पर 85 निजी कारें हैं। मोटर वाहनों के कारण कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के मामले में, दिल्ली लगभग 12.4 मिलियन टन का उत्सर्जन करता है।

बता दें कि दिल्ली में मंगलवार से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस ने बताया है कि बगैर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों से नियम के उल्लंघन के एवज में चालान वसूला जाएगा।

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को संबंधित या अधिकृत वाहन डीलर से लगवाया जा सकता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में क्रोमियम होलोग्राम स्टीकर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे वाहन से संबंधित जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि अंकित होती है। इस होलोग्राम स्टीकर को हॉट-स्टांपिंग के जरिये लगाया जाता है।


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