Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 120 की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां, जानें
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए प्रोजेक्ट में लगी कंपनियों को फाइनेंस करना शुरू कर दिया है। एनएचएआई ने कंपनियों को फाइनेंस करने के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) कंपनी का निर्माण किया है।

बता दें कि दिल्ली से मुंबई के बीच 1,275 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 8 लेन का होगा जिसे बाद में 12 लेन तक किया जा सकता है। बताया जाता है कि यह देश का पहला सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से दौड़ेगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भारत माला प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत देश भर में 28,000 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है।

एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर हर 50 किलोमीटर के अंतराल पर योजनाबद्ध तरीके से हर तरह की सुविधाओं के लिए सेंटर खोले जाएंगे। इस परियोजना की लागत 82,514 करोड़ रुपये है जिसमें भूमि अधिग्रहण की लागत 20,928 करोड़ रुपये है।

इस परियोजना के महत्व को देखते हुए, प्राधिकरण ने पूर्ण इक्विटी का निवेश करने और विकास के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। एनएचएआई अन्य बड़े राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भी इसी तरह के एसपीवी कंपनियों को बनाने की योजना बना रही है।

जानकारी के अनुसार एसपीवी कंपनियां बड़े परियोजनाओं को गति सहायक साबित हो सकती हैं। इससे एनएचआई को समय पर प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।


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