Pollution In Delhi: अरविंद केजरिवाल ने की रेड लाईट पर इंजन बंद करने की अपील, जानें कारण
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक अभियान शुरू किया, जिसमे उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार करते समय लोगों से अपने वाहनों के इंजन बंद रखने का आग्रह किया है। केजरीवाल ने बताया कि इस अभियान का मकसद वायु प्रदूषण कम करने के लिए लोगों को जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि हमें प्रदूषण के खिलाफ युद्ध छेड़ना है और यही इस अभियान का मूल मंत्र भी है। उन्होंने एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से आग्रह किया कि हमे दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाना है, इसमें हर दिल्लीवासी को अपनी भागीदारी देनी है। उन्होंने दिल्ली वासियों से रेड ट्रैफिक लाइट पर वाहन का इंजन बंद करने की अपील की।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 1 करोड़ से अधिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमे 30-40 लाख वाहन हर रोज सड़कों पर निकलते हैं। यह वाहन रेड ट्रैफिक सिग्नल पर रुकते हैं और इनका इंजन बंद नहीं होता है जिससे वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है।

उन्होंने जानकारों का हवाला देते हुए कहा, "दिल्ली में एक वाहन औसतन 15-20 मिनट ट्रैफिक सिग्नल पर रुकता है, जिससे रेड सिग्नल पर 200 मिलीलीटर ईंधन की खपत हो होती है। अगर 10 लाख वाहन रेड सिग्नल पर इंजन बंद करते हैं, तो हर साल 1.5 टन पीएम 10 और 0.4 टन पीएम 2.5 के उत्सर्जन को रोका जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया से हर वाहन पर सालाना 7,000 रुपये की बचत भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि पराली जलने से दिल्ली में हर साल इसी महीने प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। और इसी कारण नवंबर और दिसंबर के महीने में दिल्ली वासियों को भयंकर धुंध का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलने से रोकने के लिए सरकार ने एंटी डस्ट ड्राइव शुरू की है जिसमे पराली को नष्ट करने के लिए किसानों को जैविक डिकम्पोजर दिए जा रहे हैं। इसके छिड़काव से खेतों में पराली अपने आप ही सड़कर मिटटी में मिल जाती है।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने राज्य में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति को भी लागू किया है। दिल्ली सरकार लक्ष्य के अनुसार 5 साल में 25 प्रतिशत प्रदूषण को कम करेगी।


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