Electric Vehicle Policy For Delhi: दिल्ली में लागू हुई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, जानें फायदे
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस काॅनफ्रेंस में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया है कि सरकार द्वारा लाई इलेक्ट्रिक वाहन नीति देश में अब तक की सबसे प्रगतिशील इलेक्ट्रिक वाहन नीति है। केजरीवाल ने कहा कि इस नीति का मुख्या उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाना है।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 3 साल के लिए लागू किया जाएगा जिसके बाद सरकार इस नीति की समीक्षा करेगी। मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बताया कि यह नीति केंद्र सरकार के फेम-2 स्कीम के अधीन होगी।

इस नीति के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत पर सब्सिडी दी जाएगी। किस वाहन पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, यह वाहन के प्रकार पर निर्भर करेगा। नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ऑटोरिक्शा, ई-रिक्शा, और माल गाड़ियों की खरीद पर 30,000 रुपये की छूट दी जाएगी जबकि इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी जाएगी।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों और टू-व्हीलर पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क को पूरी तरह माफ किया जाएगा। इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन पर कर्ज के ब्याज को भी माफ़ किया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी को वास्तविक बनाने के लिए सरकार पिछले 2.5 वर्षों से काम कर रही है और इसके लिए कई विशेषज्ञों से सलाह ली है। नीति से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और दिल्ली सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अलग राज्य ईवी बोर्ड, ईवी फंड और ईवी सेल स्थापित करेगी।

उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए, सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रही है और उम्मीद है कि अगले 5 वर्षों में 5 लाख वाहनों को पंजीकृत कर लिया जाएगा।

इसके अलावा सरकार एक वर्ष में 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और हर 3 किमी पर एक इलेक्ट्रिक स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही है। उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली सरकार पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी भी लागू करेगी जिसमे पुराने वाहन के बदले इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद छूट दी जाएगी।


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