Commercial Vehicle Sales August 2020: कमर्शियल वाहन बिक्री में महिंद्रा ने टाटा मोटर्स को छोड़ा पीछे
देश में अगस्त महीना पैंसेजर वाहन बिक्री के लिए बेहतर रहा है लेकिन कमर्शियल वाहन की बिक्री अभी भी बेहतर हुई है। अगस्त 2020 में कमर्शियल वाहन में की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 57.39 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गयी है।

अगस्त 2020 में देश में 26,536 यूनिट बेचीं गयी है जबकि पिछले साल अगस्त में 62,270 यूनिट बेचीं गयी है। भले ही पिछले साल के मुकाबले बिक्री बेहतर ना हुई है लेकिन जुलाई 2020 के मुकाबले बेहतर हुई है, हालांकि सभी कंपनी की बिक्री में गिरावट दर्ज की गयी है।

महिंद्रा ने अगस्त में 10,795 यूनिट वाहनों की बिक्री की है, पिछले साल कंपनी ने 14,684 यूनिट वाहनों की बिक्री की थी, इसकी बिक्री में 26।48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। कंपनी की मार्किट शेयर 23 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गयी है।

टाटा मोटर्स की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है, कंपनी 7115 यूनिट बिक्री के साथ अगस्त में दूसरे स्थान पर रही है। पिछले अगस्त में कंपनी ने 26,586 यूनिट की बिक्री की थी, जो कि पिछले महीने के मुकाबले 73.24 प्रतिशत कम है।
| Rank | CV | Aug-20 | Aug-19 | Growth (%) |
| 1 | Mahindra | 10,795 | 14,684 | -26.48 |
| 2 | Tata | 7,115 | 26,586 | -73.24 |
| 3 | Ashok Leyland | 2,834 | 9,602 | -70.49 |
| 4 | Maruti | 1,776 | 2,032 | -12.60 |
| 5 | VECV | 1,058 | 3,479 | -69.59 |
| 6 | Daimler | 341 | 1,221 | -72.07 |
| 7 | Force | 276 | 1,057 | -73.89 |
| 8 | SML Isuzu | 163 | 933 | -82.53 |
| 9 | Others | 2,178 | 2,676 | -18.61 |

टाटा मोटर्स पिछले साल पहले नंबर पर रही थी। कमर्शियल वाहन के सेगमेंट में भारतीय कंपनियां टाटा मोटर्स व महिंद्रा राज करती है, भारतीय बाजार में उनका मार्केट शेयर 67 प्रतिशत से अधिक है। बिक्री में तीसरे नंबर पर अशोक लेलैंड रही है, 70 प्रतिशत गिरावट के साथ कंपनी ने 2834 यूनिट की बिक्री की है।

कमर्शियल वाहन सेगमेंट में एक नई एंट्री मारुति सुजुकी ने अगस्त में 1776 यूनिट वाहनों की बिक्री की है। पिछले साल के 2032 यूनिट के मुकाबले 12.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। इसके साथ ही अन्य कंपनियों की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गयी है।

फाडा ने माना कि ग्रामीण इलाके में धीरे-धीरे कमर्शियल वाहन की बिक्री बढ़ रही है, हालांकि लोन अप्रूवल जैसे कारणों की वजह से यह अभी भी तेज गति से बढ़ने से रुकी हुई है। ग्रामीण इलाकों में अच्छी बारिश के कारण छोटे कमर्शियल वाहन की मांग बढ़ी है।

भारत सरकार जल्द ही स्क्रैपेज पॉलिसी की घोषणा करने वाली है। पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर ने कहा है कि स्क्रैपिंग पॉलिसी सरकार के एजेंडा में है और वह इस पर सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है। इससे भी वाहन बिक्री पर फर्क पड़ने वाला है।


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