CPCB Warned Agencies: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली में निर्माण एजेंसियों को दी चेतावनी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण एजेंसियों को निर्देश जारी किया है कि वे निर्माण कार्य के दौरान धूल-मिट्टी से बचाव के उपाय करें। बोर्ड ने अपने पत्र में कहा कि NHAI, DDA, DSIIDC, MTNL, PWD, DJB, CPWD और DMRC के निर्माण स्थलों पर उल्लंघन देखा गया है।

एजेंसियों को कहा गया है कि इसके लिए वह न केवल दंड के भागीदार होंगे बल्कि निर्माण गतिविधि को भी रोका जा सकता है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के लिए धूल एक प्रमुख कारक है।

दिल्ली-एनसीआर में एक बहुत ही विशेष समस्या है, क्योंकि गंगा की बेल्ट में होने के कारण यहां जलोढ़ मिट्टी ज्यादा है। सर्दियों के मौसम में मिट्टी हवा के साथ मिलकर प्रदूषण पैदा करती है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्माण और विध्वंस गतिविधियों में शामिल सभी एजेंसियों को एक आदेश जारी किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहर की हवा के साथ धूल का मिश्रण न हो।

मंत्री ने कहा कि एजेंसियों को एक नोटिस पहले से ही दिया गया था और अब हमने सभी एजेंसियों को अनुपालन के लिए एक अनुस्मारक जारी किया है। अपने पत्र में सीपीसीबी ने मंत्री से अनुरोध किया है कि दिल्ली में सभी निर्माण स्थलों पर धूल शमन उपायों की पर्याप्तता की समीक्षा करें।

सीपीसीबी की अपील में संबंधित अधिकारियों को एजेंसियों पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देश देने की अपील की गई है ताकि निर्माण स्थलों पर धूल के शमन के लिए दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा सके।

बोर्ड ने कहा कि केंद्रीय पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की 50 टीमों को 15 अक्टूबर 2020 से प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जमीन पर तैनात किया गया है। इस टीम ने दिल्ली के कई इलाकों में निर्माण स्थलों पर कई धूल-मानक उल्लंघन पाए हैं। बोर्ड ने कहा कि पूर्व में एजेंसियों को इस संबंध में नोटिस जारी किये जा चुके हैं।


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