Govt. May Hike Import Duty On Cars: कारों पर आयात शुल्क बढ़ा सकती है सरकार
घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बाहर आयात की जाने वाली कारों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटो इम्पोर्ट शुल्क को बढ़ाने की तैयारी शुरू की है। इस बात की जानकारी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को दी है। बता दें कि सरकार ने आगामी 5 सालों में आयात घटकों को आधा करने का लक्ष्य रखा है।

इस बात की जानकारी देते हुए हैं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि "ड्यूटीज को बढ़ाना कोई बुरा विचार नहीं था। इससे वाहन निर्माताओं को कार किटों को आयात करने से रोकने में मदद मिली है। इसमें आंशिक रूप से या पूरी तरह से वाहनों को शामिल किया गया था।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि "हम चरणबद्ध निर्माण योजना की तरह का कोई विकल्प दे सकते हैं। इसके लिए मैं सुझाव देने का प्रस्ताव रखता हूं और उन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।"

पीयूष गोयल ने कहा कि "प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार चाहती है कि कंपनियां आयात कम करें और घरेलू उत्पादन बढ़ाएं। उत्पादन बढ़ाने से देश को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़ी भूमिका भी दिखा सकते हैं।"

आपको बता दें कि देश का ऑटो सेक्टर सालाना 13.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,03,47,29,40,000 रुपयों के उपकरणों और कार किटों का आयात करता है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवर गोयनका ने भी यही बात उसी कार्यक्रम में कही थी।

उन्होंने कहा कि "एसआईएएम और ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अगले चार से पांच सालों में आयातित घटकों के कुल मूल्य को आधे से कम करने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की थी।"

गोयनका ने कहा कि "जानकारी के अनुसार मुख्य रूप से चीन और अन्य एशियाई देशों के साथ-साथ स्टील से प्राप्त होने वाले इलेक्ट्रॉनिक ऑटो कम्पोनेंट्स के आयात को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा। इन दोनों को मिलाकर कुल ऑटो पार्ट्स के आयात का लगभग 5 बिलियन डॉलर का खर्च आता है।"


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