केंद्र सरकार की उत्पादन प्रोत्साहन योजना से वाहन उद्योग को मिलेगी 57,042 करोड़ रुपये की सहायता
केंद्र सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट की एक बैठक में 10 प्रमुख क्षेत्रों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये की उत्पादन प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग और उपकरण निर्माता सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार की इस प्रोत्साहन योजना का भारतीय ऑटोमोबाइल संघ (FADA) ने समर्थन किया है।

फाडा ने प्रोत्साहन योजना का स्वागत करते हुए कहा है कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को इस स्कीम का सबसे अधिक फायदा पहुंचेगा। फाडा ने बताया कि अगले पांच सालों में ऑटोमोबाइल उद्योग को 57,042 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। इस योजना को भारतीय उद्योगों के निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने और उत्पादों में वैश्विक स्तर पर सुधार लाने के मकसद से लाया गया है।

यह योजना भारतीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी, निवेश आकर्षित करेगी और निर्यात बढ़ाने में सहायता करेगी। कैबिनेट की बैठक में इस योजना की घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेदकर ने की है।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री के आभाव में मंदी जैसी स्थिति से गुजर रहा है। इस समस्या को पिछले कुछ महीनो चले लॉक डाउन ने और गहरा बना दिया।

मार्च के बाद लगातार तीन महोनों तक ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री न के बराबर हो गई थी। हालांकि, लॉकडाउन के बाद ऑटोमोबाइल शोरूम के खुल जाने से बिक्री सामान्य स्तर पर पहुँचने लगी है।

इसक सबसे बड़ा उदहारण सितंबर और अक्टूबर महीने में वाहनों की बढ़ती बिक्री है। ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़ी लगभग सभी कंपनियों ने पिछले साल अक्टूबर के महीने इस साल अक्टूबर महीने से अधिक बिक्री की है।

लॉकडाउन के बाद निर्माण संयंत्रों के दोबारा शुरू होने से निर्माण क्षेत्र पुनर्जीवित हो गया है और मांग के अनुसार उत्पादन में भी वृद्धि होने लगी है। हालांकि, 120 दिन चली तालाबंदी से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उद्योगों पर केंद्रित सरकार की इस प्रोत्साहन योजना से ऑटोमोबाइल और उपकरण निर्माताओं को काफी लाभ मिलेगा।


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