Car Sanitisation Business In India: कोरोना संक्रमण के चलते वाहन सेनेटाइजेशन बना नया बिजनेस
दिल्ली सरकार ने करीब दो माह के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन के चौथे चरण में व्यवसायिक गतिविधियों की इजाजत दे दी है। सरकार ने अर्थ व्यवस्था को सुधारने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। लोगों ने पुराने व्यापार के बंद होने के चलते कमाई के नए स्त्रोतों को तलाशना शुरू कर दिया है।

दिल्ली के ही कुछ लोगों ने एक नया व्यापार शुरू करने की योजना बनाई है। दिल्ली सरकार ने सड़कों पर कारों को चलाने के कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके चलते भारत आनंद, मुकेश कुमार, राहुल एक्का और राहुल कुमार ने यह नई शुरुआत की है।

सरकार के निर्देशानुसार सड़कों पर उतरने वाली सभी कारों को सेनेटाइज किया जाना अनिवार्य है और इसी सोच के साथ इन चार लोगों ने अपने नए व्यापार की शुरुआत की है। अपने इस नए स्टार्टअप की जानकारी भारत आनंद ने दी है।
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उनका कहना है कि "हमने अपने व्यवसाय को एक बार फिर से पुनर्गठित करने की योजना बनाई थी। हमारी वर्कशॉप ‘परफेक्ट डर्ट क्लीनर' कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के चलते मनचाहा परिणाम नहीं दे रहा था।"

आगे उन्होंने बताया कि "हमने देखा था कि कारों को सेनेटाइज करने का काम रोहिणी में एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, लेकिन वह मैन्युअल और छोटी मशीनों के जरिए कारों को सेनेटाइज करता है। इस पर हमने सोचा कि हमारे पास ऑटोमेटिक मशीनें हैं, जिनकी मदद से हम इस काम को बड़े स्तर पर शुरू कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि "कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों को सुरक्षित रखने का यह सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है।" जानकारी के अनुसार दो-पहिया वाहन को सेनेटाइज करने में 15 मिनट का समय लगता है।

वहीं किसी कार को सेनेटाइज करने में 20 मिनट का समय लगता है। दो-पहिया वाहन को सेनेटाइज कराने के लिए ग्राहकों को 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं, वहीं कार को सेनेटाइज करने के लिए ग्राहक को 50 रुपये चुकाने होते हैं। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता है।


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