कोरोना का कहर: लॉकडाउन के चलते भारतीय कार कारोबार को हुआ 67 प्रतिशत का नुकसान
देशभर में लॉकडाउन के वजह से वाहन कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले साल से ही मंदी झेल रहे ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर लॉकडाउन के कारण दोहरा मार पड़ा है।

हालांकि, इस साल मार्च में ऑटोमोबाइल कंपनियों को कारोबार में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मार्च के मध्य में लॉकडाउन से चारपहिया कंपनियों के कारोबार को लगभग 67 प्रतिशत का घाटा हुआ है।

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी की बिक्री में 47 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं जर्मन कार निर्माता फॉक्सवैगन की बिक्री 95 प्रतिशत कम हुई है।

कार बाजार में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार हुंडई इंडिया के कारोबार में 41 प्रतिशत का घाटा हुआ है। भारतीय कार कंपनियों की बात करें तो, महिंद्रा की कार बिक्री को सबसे ज्यादा 88 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।

महिंद्रा ने मार्च 2019 में सिर्फ 3,383 यूनिट वाहनों की बिक्री की है जबकि पिछले साल सामान अवधि में 27,637 यूनिट वाहन बेचे गए थे।

दुनिया भर के 200 देशों में कोरोना वायरस ने अपनी दस्तक दे दी है, वहीं अमेरिका, इटली, फ्रांस जैसे देशों में संक्रमण काफी ज्यादा फैल चुका है। इन देशों में भी लॉकडाउन घोषित है जिसके कारण उत्पादन और बिक्री बंद है।

व्यापार बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार मौजूदा समय से उबरने के बाद कई देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा सकती है और करोड़ों नौकरियों पर संकट मंडरा सकता है।

हालांकि, देश-दुनिया के कई वाहन निर्माता संकट के इस घड़ी में लोगों की मदद करने में जुटे हुए हैं और अपने प्लांट में वेंटीलेटर, शील्ड और मास्क का निर्माण कर रहे हैं।


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