90 प्रतिशत ग्राहक कार खरीदने से पहले करते हैं ऑनलाइन रिसर्च
इंटरनेट और डिजिटल मीडिया ग्राहकों को कार खरीदने में काफी मदद कर रहा है। ग्राहक कार खरीदने से पहले इंटरनेट पर उस कार के बारे में सर्च करते हैं जिससे उन्हें राय निर्धारित करने में मदद मिलती है।

इकनोमिक टाइम्स ऑटो की एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल कान्तार टीएनएस की एक रिसर्च में सामने आया है कि 90 प्रतिशत खरीदार कार के प्रति अपनी राय बनाने के लिए इंटरनेट या डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं।

इस रिसर्च में यह भी सामने आया है कि ग्राहकों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से कार शोरूम पर भीड़ कम हुई है। कार के बारे में जानकारियां जुटाने के लिए, डिजिटल प्लेटफार्म जैसे गूगल और यूट्यूब का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा वेबसाइट के जरिये भी जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं।

इन प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहक अपनी पसंदीदा कार के फीचर्स, क्षमता, माइलेज, कीमत के बारे में अधिक जानकारियां जुटाते हैं। छोटे शहरों और कस्बों में भी वाहन खरीदने से पहले उपभोक्ता ऑनलाइन शोध कर रहे हैं।

हालांकि, ऑनलाइन वाहन खरीदने में ग्राहक अभी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। क्योंकि कार एक महंगी संपत्ति है इसलिए ऑनलाइन जानकारियां जुटाने के बाद शोरूम जाकर जांच-परख कर खरीदारी करना चाहते हैं।

हाल ही में हुंडई ने 'क्लिक टू बाय' सुविधा शुरू की है जिसमे ग्राहकों घर बैठे कार ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं। ऑनलाइन कार खरीदने के बाद कंपनी कार की होम डिलीवरी की भी सुविधा दे रही है।

पिछले साल की राजिस्त्र्वाहन की रजिस्ट्रेशन की जानकारी सामने आ गयी है.

कार बिक्री के मामले में जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन देशभर में सर्वाधिक रहा। वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान जम्मू-कश्मीर राज्य में कार बिक्री में 53.4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं दिल्ली में कार बिक्री में 43.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार देश में कार बिक्री के मामले में केंद्र शाषित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन अन्य राज्यों से काफी बेहतर रहा है।

हालांकि, लॉकडाउन के चलते मार्च 2020 की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 देश की ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए काफी तनावपूर्ण रहा। जीएसटी (GST) के अंतर्गत टैक्स और बीएस6 (BS-6) मानदंडों के कारण बिक्री संकट का सामना करने के बाद, चीन में उत्पन्न होने वाले कोरोना वायरस प्रकोप के कारण सभी श्रेणियों में वाहन उत्पादन में गंभीर रूप से बाधा उत्पन्न हुई है।

देश की अधिकतर वाहन कंपनियां ने कच्चे माल का 10 फीसदी चीन और दक्षिण कोरिया से आयत करतीं हैं।

चूंकि चीन और दक्षिण कोरिया में अधिकांश संयंत्रों में उत्पादन अनिश्चित काल के लिए बंद कर लिया गया है, इसलिए भारतीय ऑटो उद्योग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति में प्रभाव पड़ा है।

1 अप्रैल 2020 से देश में बीएस6 उत्सर्जन मंडान लागू हो गए हैं। लेकिन वाहन कंपनियों के पास लगभग 10,000 करोड़ रुपये के बीएस4 वाहनों के स्टॉक बचे हुए हैं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने वाहन डीलरों की अपील पर अंतिम फैसला सुनाते हुए लॉकडाउन खत्म होने के बाद बीएस4 वाहनों की बिक्री के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है।

लेकिन वाहन कंपनियों का मानना है कि यह समय स्टॉक को खत्म करने के लिए नाकाफी है। ऑटोमोबाइल डीलरों का मानना है कि वे महीने के अंत की तारीख से पहले बीएस4 स्टॉक को खत्म नहीं कर पाएंगे।


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