ISI Mark Compulsory On Car Windshields: कार विंडशील्ड के लिए आईएसआई प्रमाण हुआ अनिवार्य, जानें
केंद्र सरकार ने कार ग्राहकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने कार के विंडशील्ड और खिड़कियों में लगने वाले शीशे के लिए आईएसआई द्वारा प्रमाण को अनिवार्य कर दिया है। अब भारत में बिकने वाले हर कार में आईएसआई मार्क वाले शीशे लगाए जाएंगे। हालांकि, देश में बहार से आयात होने वाले कारों के लिए इस नियम में छूट दी गई है।

इसी नियम के अनुसार भारत में बिकने वाले सभी तरह के टायरों के लिए भी आईएसआई प्रमाण अनिवार्य कर दिया गया है। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि कारों में सही क्वालिटी के शीशे लगाए जाएं।

अक्सर कार का विंडस्क्रीन क्षतिग्रस्त होने पर रिप्लेसमेंट के तौर पर कारों में खराब क्वालिटी के विंडस्क्रीन लगा दिए जाते हैं। खराब क्वालिटी वाले विंडस्क्रीन से दुर्घटना के समय घायल होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। दरअसल, ऐसे विंडस्क्रीन के शीशे टूट कर चालक के आंखों और गले में घुस सकते हैं जिससे उसकी मौत भी हो सकती है।

इसके अलावा बिना आईएसआई मार्क वाले विंड स्क्रीन के आयात पर भी रोक लगा दी गई है। अगर विंडस्क्रीन को आयात किया जा रहा है तो उसे भारतीय मानक ब्यूरो की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा, तभी उसे बेचने की अनुमति दी जाएगी।

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने कार कंपनियों को कार के विंडस्क्रीन और खिड़कियों के शीशे के कोने पर आईएसआई (ISI) मार्क लगाने का आदेश दिया है। मानक ब्यूरो ने कंपनियों को शीशे की सुरक्षा जांच और प्रमाण हासिल करने के लिए 6 महीनों का समय दिया है।

यह नियम 1 अप्रैल 2021 को देश भर में लागू कर दिया जाएगा। कार कंपनियों को आदेश जारी किया गया है कि इससे पहले सभी जरूरी प्रमाणीकरण को हासिल कर लिया जाए।

बता दें की इससे पहले भारतीय मानक ब्यूरो ने गैर आईएसआई मार्क वाले हेलमेट को बैन कर दिया है। मानक ब्यूरो ने दलील दी कि बिना आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुर्घटना के समय चालक के सर का बचाव करने में सक्षम नहीं होते इसलिए इन्हे बाजार में नहीं बेचा जा सकता।


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