आज से देश में बीएस-6 उत्सर्जन मानक लागू, जाने क्या पड़ेगा असर
आज से पूरे देश में बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू हो जाएंगे। अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाया था कि बीएस4 वाहनों को बेचने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2020 है और 1 अप्रैल 2020 से बीएस6 मानक लागू हो जाएंगे।

अब वह दिन आ गया है और अब से पूरे देश में सिर्फ उन्हीं वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा, जो बीएस6 उत्सर्जन मानकों पर खरे उतरेंगे। लगभग सभी वाहन कंपनियों ने अपने वाहनों बीएस6 अपडेट दे दिया है।

आपको बता दें कि बीएस6 मानकों को इसलिए लागू किया गया है, जिससे वाहनों से निकलने वाले धुएं से वातावरण को नुकसान न पहुंचे। वाहन के निकले वाली नॉक्स गैस और कण पदार्थ वातावरण को प्रदूषित करते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि बीएस6 मानक लागू होने से पहले बेचे गए वाहन सड़कों पर तब तक चलाए जा सकते हैं, जब तक उनका रजिस्ट्रेशन पीरियड वैध रहेगा, इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन पीरियड नहीं बढ़ाया जाएगा।

बीएस6 उत्सर्जन मानकों में अपग्रेड करने का सबसे बुरा असर डीजल इंजनों पर पड़ा है। डीजल इंजन पहले से अपने पेट्रोल वैरिएंट से काफी ज्यादा कीमत पर बिकते थे, लेकिन बीएस6 अपग्रेड के बाद इनकी कीमत और बढ़ जाती है।

जिसके चलते बहुत सी कंपनियों ने अपने डीजल इंजन को बीएस6 में अपग्रेड नहीं किया है, जिसकी वजह से देश के कई लोकप्रिय डीजल इंजनों का उत्पादन बंद कर दिया गया है और सिर्फ पेट्रोल इंजनों का उत्पादन किया जा रहा है।

इस डीजल इंजनों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला फिएट का 1.3-लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन है, जो ज्यादातर मारुति सुजुकी की कारोंं में इस्तेमाल होता था। इसके अलावा रेनॉल्ट का 1.5-लीटर डीजल और हुंडई का 1.6-लीटर डीजल इंजन भी है।

कई ऑटोमोटिव कंपनियों डेडलाइन को बढ़ाने की याचिका कोर्ट में दायर की थी, लेकिन याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद कोरोना वायरस के लॉकडाउन के चलते बीएस4 वाहनों की बिक्री नहीं हो पाई है।

वाहन कंपनियों के पास काफी बड़ा स्टॉक बीएस4 वाहनों अभी भी मौजूद है। सरकार ने वाहन कंपनियों को इस बात की छूट दे दी है लॉकडाउन खुलने के बाद वह अपने मौजूदा स्टॉक के 10 प्रतिशत वाहनों की बिक्री 10 दिन के अंदर कर सकते हैं।


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