BS6 Emission Norms: ट्रैक्टरों के लिए अक्टूबर 2021 से लागू होंगे बीएस6 उत्सर्जन मानक, जानें
परिवहन मंत्रालय ने एक सुचना जारी कर बताया है कि ट्रैक्टर के लिए बीएस6 उत्सर्जन कानून को अगले साल अक्टूबर से लागू किया जा रहा है, साथ ही निर्माण कार्य में लगने वाले वाहनों पर उत्सर्जन कानून अप्रैल 2021 से लागू होगा। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम (1989) में संशोधन कर अक्टूबर 2020 से ट्रैक्टरों के लिए लागू होने वाले उत्सर्जन मानकों को अब अक्टूबर 2021 से लागू कर रही है।

इसी तरह निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले वाहनों के लिए बीएस4 उत्सर्जन मानदंडों की वैद्यता को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। परिवहन मंत्रालय ने बताया कि फार्म और कंस्ट्रक्शन व्हीकल के लिए नए उत्सर्जन मानदंडों को लागू करने को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। अब मंत्रालय ने सूचना जारी कर इन वाहनों के लिए उत्सर्जन नियम की तिथि की घोषणा कर दी है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि वाहन डीलरों के बीच अन्य वाहन और ट्रैक्टर व भारी वाहन के लिए बीएस6 उत्सर्जन नियम को लेकर कई भ्रांतियां और गलत जानकारियां फैलाई जा रही थी। डीलर भ्रमित थे कि अन्य दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए लागू किये गए बीएस6 नियम ट्रैक्टरों पर भी लागू होंगे, इसलिए उन्हें स्टॉक बनाए रखने में परेशानी हो रही थी।

बता दें कि देश में बीएस6 उत्सर्जन मानकों को 1 अप्रैल 2020 से लागू कर दिया गया है। बीएस6 उत्सर्जन मानकों के लागू होने के बाद देश में बीएस4 वाहनों की खरीद-बिक्री या पंजीयन गैरकानूनी हो गया है।

हालांकि, कोविड-19 महामारी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वाहन कंपनियों को बीएस4 वाहनों के 10 प्रतिशत स्टॉक की बिक्री करने की अनुमति दी थी। हालांकि, कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बीएस4 वाहनों की बिक्री की अनुमति नहीं दी थी।

भारत स्टेज(बीएस) उत्सर्जन मानक वाहन के लिए निर्धारित की गई उत्सर्जन सिमा है। भारत में पहले उत्सर्जन मानक (बीएस1) को 1991 में लागू किया गया था। जिसके बाद 2001 में बीएस2 और 2005 में बीएस3 को लागू किया गया था।

लगभग 12 साल बाद 2017 में बीएस4 उत्सर्जन मानकों को लागू किया गया था। जिसके बाद अंतररास्ट्रीय नियमों से तालमेल बनाते हुए उत्सर्जन को अधिक नियंत्रित करने के लिए बीएस5 को छोड़कर बीएस6 को लागू कर दिया गया।


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