BMW Chennai Plant To Go 100% Green: बीएमडब्ल्यू चेन्नई प्लांट होगा 100 प्रतिशत ग्रीन
बीएमडब्ल्यू इंडिया ने अपने चेन्नई प्लांट को इस साल के अंत तक 100 प्रतिशत हरित बिजली में बदलने की घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि चेन्नई में जल संरक्षण के नए पहल को शुरू किया जा चुका है। कंपनी इस पहल से शहर में पानी बचाने और प्लांट में बिजली की खपत को कम करने की योजना पर काम कर रही है।

बीएमडब्ल्यू ने चेन्नई में लगभग 7.7 एकड़ भूमि भाग में प्लांट लगाया है। इस प्लांट में कंपनी अपनी जरूरत का 40 प्रतिशत बिजली खुद ही बनाती है। कंपनी ने इस प्लांट में 1350 kW का सोलर पॉवर प्लांट लगाया है जिसमे फोटोवोल्टिक सोलर पैनल का इस्तेमाल किया गया है।

फोटोवोल्टिक सोलर पैनलों को कार पार्किंग शेड, छत के ऊपर या किसी खली जगह पर लगाया जाता है। कंपनी ने बताया कि संयंत्र में एलईडी लाइट के इस्तेमाल से 50 प्रतिशत बिजली की खपत को कम किया गया है। इसके अलावा बिजली बचाने वाले लो-स्पीड इलेक्ट्रिक पंखों को भी लगाया गया है जो वेंटिलेशन सिस्टम में 30 प्रतिशत बिजली की बचत कर रहे हैं।

कंपनी नियमित जल संसाधनों के उपयोग को कम करने के लिए दीर्घकालिक समाधानों पर भी काम कर रही है। चेन्नई संयंत्र में 14,25,000 लीटर की कुल क्षमता वाले दो स्थानों पर वर्षा जल संचयन करने वाले तालाब हैं।

इस जल संचयन प्लांट में अब तक 3,40,000 लीटर से अधिक वर्षा जल एकत्र किया गया है और जल रिसाव परीक्षण और अन्य आवश्यकताओं के लिए उपयोग किया जाता है। प्लांट में इस्तेमाल किये गए पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में दोबारा उपयोग के लिए साफ किया जाता है।

इस पानी का इस्तेमाल संयंत्र में बागवानी के लिए किया जाता है। प्लांट में हर जगह सेंसर वाले नल लगे हैं जो 8 प्रतिशत पानी की बचत करते हैं। प्लान तमें कुल 45 प्रतिशत पानी की बचत की जाती है। इस साल के शुरुआत में प्लांट में 2000 किलोलिटर का रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है जो 40 प्रतिशत पानी की जरूरतों को पूरा करता है।

अन्य पहल की बात करें तो, कंपनी ने दो ग्रीन बेल्ट स्थापित किए हैं जिसमे प्रतिवर्ष 4,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड की बचत होगी। कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए, कंपनी इस तरह से वाहनों का उत्पादन कर रही है कि उनके घटकों को बड़े पैमाने पर पुन: उपयोग या पुनर्नवीनीकरण किया जा सके।


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