भारत में इन ट्रैक्टरों की बिक्री रही जोरों पर, जानें कौन हैं लिस्ट में शामिल
ग्रामीण अर्थव्यस्था की प्रगति जानने का सबसे बेहतर तरीका उस क्षेत्र में ट्रैक्टरों की बिक्री को जानना है। भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र (agriculture sector) का एक महत्वपूर्ण भागीदारी है। अगर खेती में उन्नति आती है तो ट्रैक्टरों की बिक्री बढ़ती है और खेती में नकारात्मक बदलाव से ठीक इसका उल्टा होता है।

भारत में ट्रैक्टर कंपनियों को नहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर (automobile sector) में छाई मंदी का असर झेलना पड़ा है। कई बड़ी कंपनियों की बिक्री में ज्यादा बदलाव नहीं आया है जबकि कइयों की बिक्री में गिरावट देखी गई है। आईये नजर डालते हैं वित्त वर्ष 2019-20 की टैक्टर सेल्स के आंकड़ों पर। ऑटो पंडित्ज के द्वारा सेल्स रिपोर्ट जारी की गई है।

महिंद्रा ट्रैक्टर बाजार में अपनी बढ़त बनाए हुए है और देश में ट्रेक्टर सेल्स में पहले स्थान में है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 में 7.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ कुल 2,91,901 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की है, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 3,16,742 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी।

चेन्नई स्थित ट्रेक्टर निर्माता ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (TAFE) ने 17 प्रतिशत की गिरावट के साथ वित्त वर्ष 2019-20 में 1,20,151 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में कुल 1,44,693 यूनिट की बिक्री हुई थी।

पंजाब स्थित सोनालिका ट्रैक्टर्स ने वित्त वर्ष 2019-20 में 13.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ कुल 82,958 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की थी जबकि पिछले वित्त वर्ष में कुल 95,976 यूनिट की बिक्री हुई थी।

हरियाणा स्थित ट्रेक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एस्कॉर्ट्स ने वित्त वर्ष 2019-20 में 11.6 प्रतिशत 82,252 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की है जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 93,087 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री हुई है। वहीं अमेरिकन ट्रेक्टर निर्माता जॉन डियर ने वित्त वर्ष 2019-20 में 68,322 यूनिट की बिक्री की है जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 68,132 यूनिट की थी।

वहीं फोर्स ट्रैक्टर्स ने वित्त वर्ष 2019-20 में 3,248 यूनिट की बिक्री की है जबकि वित्त वर्ष 2018-2019 में 3,730 यूनिट की बिक्री हुई है।


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