बेंगलुरु: महिला आईएएस अधिकारी ने दौड़ाई वॉल्वो बस, देखें वायरल वीडियो
बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) की एमडी और महिला आईएएस अधिकारी सी शिखा ने मंगलवार को वोल्वो बस चलाकर कर्मचारियों को चौंका दिया। उनका यह वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है और लोग इस महिला आईपीएस अधिकारी की तारीफ भी कर रहे हैं।

यह पहली बार हुआ है कि किसी महिला अधिकारी ने बस खुद चलाकर निरिक्षण किया है। कॉर्पोरेशन के अधिकारीयों के साथ सी शिखा बस का निरिक्षण करने निकली थीं।

उन्होंने होसकोटे स्थित टेस्ट ट्रैक पर खुद वोल्वो बस दौड़ाई। पहले तो कर्मचारी थोड़ा घबरा रहे थे लेकिन जब उन्होंने देखा कि वह एक मंझे हुए ड्राइवर के जैसे बस चला रही हैं तो सबने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।

उनके इस साहस का वहां के पुरुष ड्राइवर ड्राइवर ने भी लोहा माना इसके साथ ही कॉर्पोरेशन की एकमात्र महिला बस ड्राइवर प्रेमा रमप्पा भी उनकी ड्राइविंग से प्रेरित हुई।
सी शिखा 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और सितंबर 2019 में बीएमटीसी के एमडी का पदभार संभाल रहीं हैं। हालांकि, शहर में दुर्घटना के कई मामले आने के बाद महिला अधिकारी ने खुद ही बस चलाकर निरिक्षण का निर्णय लिया।

बेंगलुरु में करीब 36 लाख यात्री रोजाना बस की सेवा लेते हैं। इसके लिए बीएमटीसी की करीब 6,400 बसें और 14,000 ड्राइवर हैं। बीएमटीसी की अकेली महिला ड्राइवर प्रेमा रमप्पा ने बताया कि बस ड्राइवरों को हर रोज सड़कों पर ट्रैफिक जाम और दोपहिया चालकों के खराब तरीके से वाहन चलने का सामना करना पड़ता है।

बीएमटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि महिला आईएएस अधिकारी ने बस का ड्राइविंग टेस्ट होसकोटे स्थित वोल्वो कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के अंदर किया था, जहां टेस्ट ड्राइव के लिए विशेष ट्रैक बनाया गया है।

बीएमटीसी में 33 प्रतिशत ड्राइवरों की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है लेकिन इस नियम को अभी लागू नहीं किया गया है। राज्य में 15 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस महिलाओं को दिया गया है।

बीएमटीसी ने कुल 1000 महिलाओं को बस और हल्के वाहन चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए 7.5 करोड़ के फंड की भी घोषणा की है। इसके तहत महिलाओं को मुफ्त में ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जाएगी। कॉर्पोरेशन का कहना है कि इससे महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।


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