Agitation For Fuel Price Hike In Bengal: डीजल की कीमत में बढ़ोत्तरी से बस चालक नाराज
पश्चिम बंगाल प्राइवेट बस चालकों ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में 27 जुलाई से प्रत्येक सोमवार को डीजल नहीं खरीदने का फैसला किया है। बस चालक चालक संघ का कहना है कि बस चालक डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद राज्य सरकार से लगातार किराये में वृद्धि की मांग कर रही है।

संघ ने बताया कि डीजल की कीमत में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद बसों को चलाने का खर्च बढ़ गया है और मौजूदा किराया सूचि में बसों को चलाना फायदेमंद नहीं है। संघ ने कहा कि मौजूदा समय में कोरोना वायरस के कारण बसों में यात्रियों की संख्या सिमित कर दी गई है जिससे दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

संघ ने कहा कि डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और राज्य सरकार किराया वृद्धि की हमारी मांग पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। अगर कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो पश्चिम बंगाल में निजी बस परिवहन व्यवसाय दिवालिया हो जाएगा।

संघ ने बताया कि टिकट के किराये से सिर्फ पेट्रोल का खर्च ही निकल रहा है। इसके अलावा इंश्योरेंस, ईएमआई और मेंटेनेंस पर भी खर्च अधिक आता है जिसे उठाना अब भारी पड़ता जा रहा है। संघ कर्मचारियों का वेतन भी समय पर नहीं दे पा रहा है।

बता दें, लॉकडाउन खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की दाम में भारी वृद्धि हुई है। दिल्ली में डीजल की कीमत पेट्रोल को पार कर चुकी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि पिछले महीने से जारी है।

जुलाई में पेट्रोल और डीजल की कीमत में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। पिछले महीने ही दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ने डीजल को पार कर दिया था। पिछले सप्ताह पेट्रोल की कीमत 81.35 रुपये प्रतिलीटर थी जबकि डीजल की कीमत 81.52 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।

दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन दिल्ली के मुकाबले शहरों में कीमत 5-6 रुपये प्रतिलीटर कम है। बताते चलें कि 7 जून से पेट्रोल कंपनियां हर दिन डीजल और पेट्रोल की कीमत में संशोधन कर रही हैं। लगभग 90 दिन तक चले लॉकडाउन के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगातार वृद्धि की गई है।


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