Vehicle Sales Falls 70% In Q1 Of FY21: वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहले तिमाही में वाहन बिक्री 70% घटी
कोरोना महामारी के कारण भारतीय ऑटोमोबाइल जगत 30 सालों में सबसे बड़ी मंदी का सामना कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहले तिमाही में वाहन बिक्री में भारी कमी आई है। मार्च और मई में सम्पूर्ण लॉकडाउन के कारण दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों की घरेलू बिक्री और निर्यात में भारी गिरावट आई है।

जानकारों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान वाहन बिक्री में 25-45 प्रतिशत की गिरावट देखी जा सकती है जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहले तिमाही में वाहन कंपनियों के बिक्री में 70 प्रतिशत की कमी हुई है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारी वाहनों की बिक्री में 50 प्रतिशत की गिरावट देखी जाएगी जो 2008 के बिक्री के आंकड़ों के बराबर होगी। वाहन बाजार के आकलन के मुताबिक निजी वाहनों की बिक्री 8.73 लाख यूनिट से घट कर महज 1.5 लाख यूनिट ही रह जाएगी।

वाहनों की घरेलू बिक्री पिछले साल के 7.94 लाख यूनिट के मुकाबले इस साल 2.5 लाख यूनिट ही रह जाएगी। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मनुफक्चरर्स (एसआईएएम) के प्रेजिडेंट राजन वढेरा ने बताया कि मौजूदा समय में वाहन कपंनियों की उत्पादक क्षमता महज 20-40 प्रतिशत है।

मांग में कमी के कारण कंपनियों ने निर्माण धीमा कर दिया है। अप्रैल महीने में शून्य बिक्री के बाद मई में लॉकडाउन में छूट के बाद बिक्री बढ़ी है लेकिन यह अपेक्षित बिक्री से काफी कम है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका ने बताया कि शहरों में बिक्री अपने निचले चरण में रही वहीं ग्रामीण इलाकों में बिक्री शहरी क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर रही है। ट्रैक्टरों और ट्रकों की बिक्री में ग्रामीण क्षेत्रों ने मिसाल कायम की है।

उन्होंने बताया कि दोपहिया और तिपहिया निर्माता अपनी क्षमता से 65-70 प्रतिशत निर्माण कर रहे हैं। कोरोना काल में पर्सनल मोबिलिटी की मांग बढ़ी है जिससे दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण प्रगति करेगा। ई-कॉमर्स ने भी वाहनों के वाहनों को ऑनलाइन उपलब्ध करने का प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया है जिससे खरीद आसान हो गई है।


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