पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होगा नया मोटर व्हीकल एक्ट, राज्य सरकार का फैसला
संसद से पारित होने के बाद संशोधित मोटर वाहन एक्ट, 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन इसके अमल में आने में अभी थोड़ा वक्त बाकी है। शुरू में केवल जुर्माने के प्रावधान लागू होंगे। बाकी प्रावधानों को उसके बाद लागू किया जाएगा।

इसमें कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीने का वक्त लग सकता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बावजूद संशोधित मोटर एक्ट तब तक लागू नहीं होगा, जब तक कि सड़क मंत्रालय इसे लागू करने की अधिसूचना जारी नहीं कर देता।

हालांकि यह अधिसूचना भी फिलहाल एक्ट के सारे प्रावधानों को लागू करने के बारे में न होकर केवल बढ़े जुर्माने संबंधी उपबंधों को लागू करने के बाबत होगी।

वहीं इससे जुड़ी एक और खबर आ रही है कि पश्चिम बंगाल सरकार नए मोटर वाहन अधिनियम को लागू नहीं करेगी। क्योंकि इस बिल के सुझावों से बंगाल की सरकार सहमत नहीं है।

इनमें गलत तरीके से ड्राइविंगर करने पर अत्यधिक जुर्माना पर राज्य विधानसभा को सूचित किया गया था। नया नियम सड़क सुरक्षा नियमों को कड़ा करने का प्रयास करता है जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना और सड़क सुरक्षा में सुधार के प्रयास में उल्लंघन के लिए कठोर दंड लगाया है।

इस बारे में बात करते हुए राज्य के परिवहन मंत्री ने कहा कि " नए मोटर वाहन अधिनियम को बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। क्योंकि हम इस बिल से सहमत नहीं है। हम अभी भी केंद्र से इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं।

वहीं सुवेन्दु अधकारी ने विधानसभा में प्रश्न और उत्तर सत्र के उत्तर देते हुए कहा कि "हमें इस बात पर भी आपत्ति है कि जिस कंपनी से आप वाहन खरीद रहे हैं, वह इसका फिटनेस प्रमाणपत्र देने का हकदार होगा।"

कानून में विभिन्न यातायात से संबंधित अपराधों के साथ-साथ उच्च दंड के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें मौत के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा और मोटर वाहन दुर्घटना मामले में गंभीर चोट के लिए 2.5 लाख रुपये शामिल हैं। राज्यसभा ने मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 को 31 जुलाई को पारित किया, लोकसभा के आठ दिन बाद इसे मंजूरी दे दी।

पश्चिम बंगाल में मोटर व्हीकल बिल को नहीं लागू किए जाने पर विचार
भारतीय राजनीति हाल के दिनों में बहुत ही बदल गई है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार देशभर में तेजी से अपने विचारधारा के साथ बढ़ रही है। इससे भाजपा और अन्य पार्टियों के बीच टकराव भी बढ़ रहा है।

बंगाल में मोटर व्हीकल बिल को नहीं लागू करने के पीछे प्रमुख कारण में भाजपा- तृणमूल टकराव को ही वजह बताया जा रहा है। हालांकि राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद हर कानून को पूरे देश के लोगों द्वारा स्वीकार करना होता है।

लेकिन बंगाल में ममता सरकार ने बिल के साथ असहमति जताते हुए, इसे लागू नहीं करने का फैसला किया है। अब आगे इस पर केंद्र सरकार का क्या रूख होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।


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