फॉक्सवैगन ने पुणे प्लांट में दस लाख कारों का उत्पादन पूरा किया, यह है वह स्पेशल कार
फॉक्सवैगन ने अपने पुणे वाले प्लांट से दस लाख यूनिट कार उत्पादन का आकड़ा छू लिया है। इस दस लाखवें यूनिट के रूप में कार्बन स्टील रंग के एमियो का उत्पादन किया गया है।

यह आकड़ा कंपनी ने इस प्लांट के दस साल पूरे होने के बाद छुआ है। हाल ही में पुणे प्लांट के दस साल पुरे हुए है, इस प्लांट को 31 मार्च 2009 को शुरू किया गया था। इस प्लांट में बनने वाली पहली कार स्कोडा फाबिया रही है।
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इस प्लांट में बनने वाली कारें आज 4 महाद्वीपों के 50 से अधिक देशों में बेचीं जाती है, जिसमें एशिया, अफ्रीका, नार्थ अमेरिका तथा साउथ अमेरिका शामिल है। इन जगहों पर यहां बनाये गए 4 लाख से अधिक कारें पहुंचाई गयी है।
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दस लाखवें यूनिट के रूप में बनाये गये एमियो को खास भारतीय बाजार के लिए ही बनाया गया है। भारत के ग्राहकों तथा उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह कार तैयार की गयी है, जिसे कार्बन स्टील जैसा अनोखा रंग भी दिया गया है।
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फॉक्सवैगन इंडिया 2.0 जैसे प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाह रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से कंपनी भारतीय बाजार की जरूरतों के अनुसार कार बनाना चाहती है।
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कंपनी ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट पर पर 8000 करोड़ रुपयें का निवेश किया है तथा पुणे प्लांट में इसके लिए एक टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना भी की है। फॉक्सवैगन इसमें लोकल डेवलपमेंट की शुरुआत करेगी।
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इस अवसर पर फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरप्रताप बोपराय ने कहा कि "फोक्सवैगन का भारतीय उत्पादन प्लांट उत्पादन के क्षेत्र में क्वालिटी तथा तकनीकी उन्नति का ग्लोबल बेंचमार्क रहा है, साथ ही भारत में हमारी ग्रोथ का प्रमुख कारण रहा है।"


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