हिटलर की पिपुल्स कार के नाम से मशहूर फॉक्सवैगन बीटल का उत्पादन हुआ बंद
फॉक्सवैगन अपनी सबसे लोकप्रिय कारों में से एक बीटल का उत्पादन बंद करने जा रही है। कंपनी ने मेक्सिको के प्यूब्ला शहर के अपने प्लांट में बीटल के आखिरी वैरिएंट के उत्पादन को बंद करने का फैसला किया है।

इस कार का एक अच्छा इतिहास भी रहा है। इस कार का निर्माण कंपनी ने खासतौर पर जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर के लिए किया था। हिटलर ने पोर्श कार कंपनी को एक ऐसी कार बनाने को कहा था, जो आम जनता की पसंद बन सकें और उसको पीपुल्स कार का नाम दिया जाए।

पोर्श कंपनी के फाउंडर फर्डिनांड पोर्श ने भी हिटलर के आदेश के अनुसार ही पीपुल्स कार का निर्माण किया। हिटलर के आदेश के बाद फर्डिनांड पॉर्श ने 1937 में फॉक्सवैगनवर्क नाम की फैक्ट्री गठित की और 1938 में पहली बीटल कार सड़कों पर उतरी।

बीटल लॉन्च होते ही आम लोगों के बीच मशहूर हो गई। यह कार जर्मनी से बाहर निकलकर दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने लगी। 1960 में बीटल अमेरिका में सबसे अधिक लोकप्रिय कार बनी और यूएस ही इसका सबसे बड़ा मार्केट भी बना।

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1968 में कंपनी ने अपने 40 फीसदी उत्पादन की बिक्री अमेरिका में की, जिसमें फॉक्सवैगन ने 5,63,522 यूनिट की बिक्री को दर्ज किया था। लेकिन फिर वर्ष 1978 में कंपनी अपने हेडक्वार्टर वुल्फबर्ग में इस कार का उत्पादन बंद कर दिया था।

लेकिन कंपनी ने अब इसकी मैक्सिको स्थित यूनिट को भी बंद करने का फैसला लिया है। बुधवार को फॉक्सवैगन की आखिरी यूनिट स्टोनवॉश ब्लू को उतारा है। हालांकि कंपनी इसकी बिक्री नहीं करेगी। इस कार को कंपनी प्युबला स्थित संग्रहालय में प्रदर्शित करने के लिए रखेगी।

इस कार की आखरि यूनिट बीटल फाइनल एडिशन थी, जिसमें एलईडी डीआरएलएस, एलईडी टेललाइट और अलॉय व्हील पर 18 इंच का एयमूनियम डिस्क ब्रेक उपलब्ध था। वहीं कार के अन्य फीचर में 6.3 इंच टचस्क्रीन नेविगेशन सिस्टम, फेंडर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम, सीट पर हीरे की कारगिरी के साथ सनरूफ शामिल है। यह कार 174 बीएचपी टर्बोचार्ज्ड 2.0 लीटर टीएसआई इंजन से चलती है और इसे 6 स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन के साथ पेश किया गया था।

फॉक्सवैगन बीटल कार का सेकेंड जनरेशन को कंपनी ने 1998 में लॉन्च किया था और इसकी तीसरी पीढ़ी 2011 में अस्तित्व में आई थी। फॉक्सवैगन बीटल की दूसरी और तीसरी यूनिट को 23 अलग-अलग बाहरी रंगों के साथ उतारा गया था। इस कार के इंटीरियर में 32 और 13 बार इंजन में बदलाव के साथ कंपनी ने पेश किया था।

साथ ही कंपनी ने फॉक्सवैगन बीटल का 19 स्पेशल एडिशन का भी उत्पादन किया था, इनमें ड्युन, कोस्ट और पिंक शांमिल है। इन सबकी बिक्री कंपनी ने कूप वैरिएंट के तहत किया गया था। फॉक्सवैगन की दूसरी और तीसरी यूनिट का निर्माण फॉक्सवैगन दी मैक्सिको के द्वारा प्युबला में किया गया था, जिसकी बिक्री कंपनी दुनियाभर के 91 बाजारों में करती थी।

फॉक्सवैगनके कर्मचारियों नें फॉक्सवैगन बीटल स्टोनवॉश ब्लू की तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद किया है। क्योंकि यह कंपनी द्वारा बनाई गई बीटल की आखिरी यूनिट है, जिसकी बिक्री नहीं की जाएगी।

फॉक्सवैगन बीटल के उत्पादन बंद होने पर ड्राइवस्पार्क के विचार
फॉक्सवैगन बीटल एक सुनहरे इतिहास के साथ बंद हो रही है। इस कार के नाम पर कई हेरिटेज क्लब भी हैं, जिसके सदस्यों में बीटल के पुराने मालिकों का भी नाम है। उन सबके लिए इसका बंद होना एक भावनात्मक पल होगा। इस कार की प्रसिद्धि को इतने वर्षों में कोई अन्य कार कम नहीं कर सकीं। लेकिन इसे बंद किया जा रहा है। शायद अब इसके जाने का समय था।


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