वाहनों पर जीएसटी कटौती की मांग को लेकर वाहन उद्योग एकजुट
वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने कहा है कि वाहनों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करने की मांग को लेकर उसके सभी सदस्य एकजुट हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑटो इंडस्ट्री के ही कुछ लोग वाहनों पर जीएसटी कटौती को लेकर सहमत नहीं है।

लेकिन एसआईएएम के अध्यक्ष राजन वढ़ेरा ने इस पर अपना रूख साफ करते हुए कहा कि हमार पैसेंजर, कमर्शियल और थ्री-व्हीलर के सभी निर्माता हमारे साथ जीएसटी दर को कम करने के लिए एकजुट है।

हालांकि बीते गुरुवार को मीडिया में एक रिपोर्ट छपी थी कि मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने सरकार को करों कम न कर किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाते हुए जीएसटी कटौती का विरोध किया था। उनका कहना है कि सरकार के लिए कर कटौती करना संभव नहीं होगा।

लेकिन इस पर एसआईएएम के अध्यक्ष वढेरा ने बयान में कहा कि वाहन उद्योग इस समय धीमी गति से चल रहा है। उद्योग की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कुछ प्रोत्साहन की जरूरत है। इसलिए जीएसटी दरों में कटौती होना ही चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सरकार ने वाहन उद्योग की वृद्धि के लिए इस तरह के प्रोत्साहन दिए हैं। आज के हालात में भी मांग घटी है। खासकर अगले कुछ महीनों में नए सुरक्षा मानक और उत्सर्जन नियम लागू होने है इससे भी वाहनों की लागत और बढ़ेगी, जिससे मांग पर दबाव बढ़ेगा। ऐसे में सरकारा को जीएसटी दरों पर विचार करना चाहिए।

अगर सरकार जीएसटी दरों में कमी करती है तो इससे उद्योग में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और उपभोक्ता मांग को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहां कि आज मंदी के स्थिति में ऑटो उद्योग सरकार की तरफ बहुत ही उम्मीदों के साथ देख रहा है। साथ ही एसआईएएम सरकार से केंद्रीए बजट में सर्मथन की भी मांग रखी है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में जीएसटी दरों को कम करने की मांग काफी समय से चल रही है। आपको बतादे कि पिछले साल भी जीएसटी को कम करने की मांग वाहन निर्माताओं द्वारा उठाई गई थी। लेकिन सरकार ने उस वक्त उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया था। ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जीएसटी दर से 28 प्रतिशत निर्धारित है, जिसे घटाकर 18 प्रतिशत करने की मांग वाहन कंपनियों के द्वारा समय-समय पर आती रहती है।


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