ऑटोमोबाइल डीलरशिप क्षेत्र में 2 लाख लोगों ने पिछले 3 महीने में गवांई नौकरियां, जानिये कारण
देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का दौर चल रहा है, पिछले कुछ महीनों से कार व बाइक की बिक्री लगातार गिरते जा रही है। मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियों को बिक्री में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।

ऑटोमोबाइल तथा इससे जुड़े सेक्टर की संस्थाओं ने इस क्षेत्र में नौकरी घटने का अंदेशा भी जताया था। वाहनों के उत्पादों कम होने के कारण कम्पोनेंट उद्योग में भी गिरावट आयी है तथा इससे जुड़े 10 लाख नौकरियां खतरें में बताई गयी थी।

अब फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बताया है कि देश में ऑटोमोबाइल डीलरशिप क्षेत्र में पिछले तीन माह में 2 लाख नौकरियां घट गयी है। इस अल्पकाल में 2 लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

इसका कारण बिक्री में गिरावट को बताया गया है। बिक्री घटने के कारण देश भर में सैकड़ों डीलरशिप को बंद करना पड़ा है जिस वजह से लाखों नौकरियां खतरे में आयी है। इसमें जल्द सुधार होने की भी कोई आशंका नहीं जताई जा रही है।

FADA का कहना है कि निकट भविष्य में और भी नौकरियां जाने का डर है क्योंकि कई डीलरशिप के बंद होने का खतरा बना हुआ है। घटी नौकरियों को बचाने क लिए FADA ने सरकार से वाहनों में जीएसटी कम करने की मांग की है।

FADA के प्रेसीडेंट आशीष हर्षराज काले ने पीटीआई को बताया कि "अधिकतर नौकरियों में कटौती पिछले तीन महीनें में हुयी है, यह मई में शुरू हुआ था तथा जून व जुलाई में भी इसक प्रभाव रहा है।"

इस बार में उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि "वर्तमान में फ्रंट-एंड सेल्स नौकरियों में कटौती हुई है लेकिन अगर यह चलता रहा तो टेक्निकल नौकरियां भी प्रभावित होंगी, क्योंकि हम कम बिक्री क्र रहे है तो सर्विस भी कम होगी, तो यह एक चक्र की तरह है।"

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि बिक्री में जबरदस्त गिरावट के चलते अधिकतर डीलरशिप में 7-8 प्रतिशत नौकरियां कम हो चुकी है। आने वाले दिनों में इसके बेहतर होने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे है।

बतातें चले कि देश में कुल 26,000 ऑटोमोबाइल शोरूम के माध्यम से 25 लाख लोगों को रोजगार मिलता है तथा यह 15,000 डीलर्स द्वारा चलाये जाते है। अतिरिक्त 25 लाख लोगों को इससे अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त है।

यह दो लाख नौकरियां उन 32,000 नौकरियों से अलग है जो अप्रैल 2019 के पहले पिछले 18 महीने में देश के 271 शहरों में 286 शोरूम के बंद होने पर गंवाई जा चुकी है। इनको जोड़ने पर नौकरियां घटने का स्तर और भी बढ़ सकता है।

भारत में अप्रैल से जून के बीच सभी तरह के वाहनों की बिक्री में 12.35 प्रतिशत की गिरावट आयी है। देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री में जुलाई 2019 में 36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है।

भारत के ऑटोमोबाइल बाजार के इतिहास में इसे सबसे बुरे दौर में से एक बताया जा रहा है। FADA ने इससे उबरने के लिए वाहनों पर जीएसटी कम करने की गुहार सरकार से लगाई है तथा माना जा रहा है एक दो हफ्ते के भीतर इससे जुड़ा फैसला लिया जा सकता है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
वाहनों की बिक्री में कमी से नौकरियों पर भी असर पड़ रहा है। उत्पादन कम हो जाने से कम्पोनेंट उद्योग से जुड़ी नौकरियां भी खतरें में पड़ गयी है। उम्मीद है कि आगामी त्योहारी सीजन में वाहन रौनक आएगी तथा सरकार भी वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए कोई कदम उठाएगी।


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