ऑटो कंपनियों को मिला परिवहन विभाग का साथ, हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी दर को किया जा सकता है कम
दुनियाभर की सड़कों पर आज कई तरह के वाहन नजर आते है। इनमें कुछ पेट्रोल वाहन होत है, तो कुछ डीजल वाहन। लेकिन बदलते समय के साथ ऑटोमोबाइल मार्केट में कुछ एक सालों से हाइब्रिड वाहनों को भी देखा जा रहा है। ये आम लोगों के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय भी हो रहा है।

लेकिन वहीं कुछ लोगों में यह दुविधा भी बनी रहती है कि हाइब्रिड वाहन क्या है। तो आज हम आपको हाइब्रिड वाहनों से संबधित जानकारी दे देते है। दरअसल जिन वाहनों को चलाने के लिए दो या दो से अधिक भिन्न ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्हें हाइब्रिड वाहन कहा जाता है या यूं कहे की उन्हें हाइब्रिड वाहन की श्रेणी में रखा जाता है।

इसके अलावा इन वाहनों में आंतरिक दहन इंजन के साथ ही एक या एक से अधिक विद्युत मोटर भी उपलब्ध होते है। अगर हम और सरल शब्दों में कहे तो इस तरह के वाहनों में दो तरह के इंजन लगाए जाते हैं।

जिनमे से एक पेट्रोल या डीजल इंजन होता है, और दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन होता है। इस तरह के वाहनों में दोनों इंजन वाहन को पावर सप्लाई करते हैं। इन्हे हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी कहा जाता है।

लेकिन हाल के दिनों में लोकप्रिय हो रही हाइब्रिड वाहनों से सबंधित एक और खबर सामने आ रही है। हाइब्रिड वाहनों पर माल सेवा कर को कम कर दिया गया है। परिवहन मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर हाइब्रिड वाहनों पर माल और सेवा कर को 28% से कम करने के लिए कहा है।

यह जीएसटी परिषद के बाद आता है, कर के लिए सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, गतिशीलता के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए पिछले महीने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दर को 5% तक घटा दिया है।

हालांकि सरकार अभी भी वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बदलने के लिए एक रोडमैप पर फैसला कर रही है, हाइब्रिड वाहनों के लिए जीएसटी में कमी से वाहन निर्माताओं को थोड़ी राहत मिलेगी।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि परिवहन मंत्रालय ने पिछले महीने वित्त मंत्रालय को हाइब्रिड वाहनों के लिए जीएसटी कम करने के लिए लिखा था।

एक अधिकारी ने इस पर कहा है कि, "यह विचार ईंधन के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए है। साथ ही अगर यह 18% से नीचे आता है या इलेक्ट्रिक वाहनों के बराबर है, तो इस तरह के ऑटोमोबाइल की खरीद को प्रोत्साहित किया जाएगा।"

वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जीएसटी में कटौती के बाद, ऑटो निर्माता सभी श्रेणियों में कम दरों की पैरवी कर रहे हैं। इस पर बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा है कि, "हम नई प्रौद्योगिकी में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं।"

वहीं दूसरी ओर देखा जाएं तो लंबे वक्त से भारत में हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी दर को कम करने की मांग उठ रही थी। कई कंपनियों का कहना था कि जब तक इसे कम नहीं किया जाएगा, हाइब्रिड कारों की बिक्री कम रहेगी।


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