नई टोयोटा इनोवा पेट्रोल-हाइब्रिड वर्जन में होगी पेश, डीजल मॉडल का उत्पादन होगा बंद
टोयोटा इंडिया आने वार्षों में इनोवा क्रिस्टा के डीजल वर्जन को बंद कर सकती है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि अगली पीढ़ी की टोयोटा इनोवा क्रिस्टा केलव पेट्रोल-हाइब्रिड वर्जन विकल्प के साथ उपलब्ध होगी।

वहीं ऐसी भी खबरें है कि टोयोटा अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल पर उत्सर्जन के स्तर को कम कर सकती है। टोयोटा एक ऐसा ब्रांड है, जो दुनियाभर में किसी भी अन्य ब्रांड के मुकाबले ज्यादा विश्वसनीयता और निर्भरता का दावा करती है।

टोयोटा की सभी कारें पूरी तरह से विश्वसनीय हैं। हालांकि टोयोटा के सबसे भरोसेमंद वाहनों में से एक इनोवा है। इस कार को निजी वाहन, टैक्सी के साथ कई अन्य तरीकों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारतीय बाजार में टोयोटा के वर्तमान में दो इंजन विकल्प के साथ उपलब्ध है। इनमें डीजल और पेट्रोल इंजन के विकल्प मौजूद है। डीजल वैरिएंट 2.4 लीटर यूनिट और 2.8 लीटर यूनिट द्वारा संचालित होता है। इसमें 2.4 लीटर टर्बो डीजल इंजन उपलब्ध है, जो अधिकतम 148 बीएचपी की पॉवर आउटपुट और 343 एनएम का पीट टॉर्क देता है।

दूसरी ओर 2.8-लीटर टर्बो-डीज़ल आउटपुट को 171.6बीएचपी और 360एनएम तक ले जाता है। वहीं बहुत कम लोगों को ज्ञात है कि टोयोटा एक 2.7-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ इनोवा क्रिस्टा भी पेश करती है जो 163.7बीएचपी का अधिकतम पावर आउटपुट और 245एनएम का पीक टॉर्क आउटपुट देती है।

इस इंजन को 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स या 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ संचालित किया जाता है। यह इंजन विकल्प कम बिक्री के आंकड़ों के कारण ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। टोयोटा मुश्किल से पेट्रोल-संचालित इनोवा क्रिस्टा के दोहरे अंक बेचती है, जबकि डीजल-संचालित मॉडल की बिक्री के आंकड़े सैकड़ों में जाते हैं।

इसके लिए यहां यह तर्क भी दिया जा सकता है कि पेट्रोल इंजन डीजल इंजन की तुलना में कम कुशल है। साथ ही डीजल इंजन की माइलेज में अच्छी होती है। शायद यही वजह है कि टोयोटा पेट्रोल इंजन को बंद करने पर विचार कर रही है।

हालांकि सूत्रों के अनुसार टोयोटा इनोवा क्रिस्टा के डीजल वैरिएंट को बंद कर देगी और यहां तक कि मौजूदा पेट्रोल इंजन को भी नए पेट्रोल हाइब्रिड ड्राइवट्रेन से बदल दिया जाएगा।

इस कदम को 2022 में अनिवार्य किए जाने के लिए सख्त उत्सर्जन और ईंधन दक्षता मानदंडों को पूरा करने के तरीकों में से एक माना जा रहा है। सह-संयोग से, अगली पीढ़ी की टोयोटा इनोवा को 2022 तक लॉन्च किया जाना है और इसलिए टोयोटा इसे बनाए रखने के लिए लक्ष्य बना रही है।

वहीं खबरों तो यह भी है कि इनोवा के अगले प्रतिस्थापन के लिए डीजल इंजन विकल्प कार्ड से दूर लगता है। टोयोटा ने इनोवा की अगली पीढ़ी को हाइब्रिड सिस्टम के साथ विकसित किया है।

भारत सरकार मोटर वाहन उद्योग के विद्युतीकरण के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। यह पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन के उत्पादन को समाप्त करने के लिए विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहा है।

2022 में, भारत कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE) मानदंडों को लागू करेगा और 2023 में, रियल-वर्ल्ड ड्राइविंग उत्सर्जन परीक्षण लागू किया जाएगा। टोयोटा के वर्तमान उत्पाद लाइन-अप में डीजल मॉडल का प्रभुत्व है।

टोयोटा केमरी और प्रीस सेडान भारत में इस समय दो हाइब्रिड मॉडल हैं, लेकिन कंपनी द्वारा बेची जाने वाली डीजल कारों की मात्रा पेट्रोल और हाइब्रिड बिक्री से अधिक है। इसलिए, टोयोटा ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।

टोयोटा द्वार इनोवा क्रिस्टा डीजल पॉवर्ड को बंद करने पर विचार
वैश्वविक मोटर वाहन उद्योग उत्पाद और ड्राइवट्रेन डिजाइन के मामले में बदलाव का सामना कर रहा है। भारत के साथ दुनियाभर के वाहन निर्माता दबाव में है। उन पर ईवी वाहनों के विकास को सुनिश्चित करने का दबाव है, जिससे उत्सर्जन स्तर को कम किया जा सकें। टोयोटा इनोवा पेट्रोल हाइब्रिड का विकार भी इसी दबाव का परिणाम है।


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