फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

भारत के राजमार्गों में फास्टैग टोल कलेक्शन से ईंधन और समय की बचत कर के हर साल 12 हजार करोड़ रुपए की बचाए जा सकते हैं। यह खुलासा आईआईटी कानपुर के दो पूर्व छात्रों द्वारा चलाई जा रही एक स्टार्टअप कंपनी बुलआई टेक्नोलॉजी ने की है।

फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

दरअसल यह कंपनी देश के सड़क और हाईवे की लाइव मॉनिटरिंग करती है और इससे संबंधित जानकारियां निकलती है। नोएडा स्थित इस कंपनी ने देश के 488 राजमार्गों की लाइव ट्रैकिंग कर यह आंकड़ा निकला है।

फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

कंपनी ने खुलासा किया कि 188 टोल प्लाजा पर औसत वेटिंग टाइम 5-10 मिनट होता है जबकि अन्य 32 टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम 10-20 मिनट रहता है।

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कंपनी ने कहा कि इस समस्या से कुल 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमे 35 प्रतिशत के ईंधन की बर्बादी होती है और 54-55 प्रतिशत समय व्यर्थ जाता है जिससे कार्य क्षमता की हानि होती है। बचा हुआ नुकसान कार्बन उत्सर्जन से होता है।

फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक अधिकारी ने कहा कि इस टेक्नोलॉजी को पचास टोल प्लाजा में तीन महीने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसमें पाया गया कि 90 प्रतिशत मामलों में उनका अनुमान सही था।

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कंपनी के सह संस्थापक आनंद शेनॉय का कहना है कि अगर सरकार हाईवे और टोल प्लाजा में गाड़ियों की जाम से निजात पाने का तरीका निकाल लेती है तो इससे हर साल करोड़ों रुपये के ईंधन की बचत होगी।

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उन्होंने कहा कि सरकार को इसपर एक प्रेजेंटेशन का प्रस्ताव सौंप दिया गया है। इस जानकारी से संबंधित एक पोर्टल खोला जाएगा जिसे लोग जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग चुन सकेंगे।

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फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

एनएचएआई ने कहा है कि अबतक 72 लाख फास्टैग बेचे जा चुके हैं और पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा फास्टैग बिक रहे हैं।

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फास्टैग से हर साल होगी 12 हजार करोड़ रुपये की बचत, कार्बन उत्सर्जन भी होगा कम

सरकार 21 नवंबर से 1 दिसंबर तक मुफ्त में फास्टैग वितरित कर रही है। इस वजह से फास्टैग खरीदने वालों की तादाद में भारी वृद्धि हुई है।

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ड्राइवस्पार्क के विचार

फिलहाल देश के अधिकांश टोल प्लाजा में ई-पेमेंट की व्यस्था है लेकिन इससे जाम की स्थिति में काबू नहीं पाया जा सकता। फास्टैग से टोल प्लाजा में रुककर पेमेंट करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। टोल प्लाजा से निकलती गाड़ियों से फास्टैग के जरिये ऑटोमैटिक पेमेंट ले लिया जाता है।

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Hindi
English summary
Toll gates in India cost Rs 12 thousand crore worth waste in fuel time detail. Read in Hindi.
Story first published: Friday, November 29, 2019, 13:46 [IST]
 
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