पुराने वाहनों की बिक्री पर सरकार देगी टैक्स में छूट, जानें क्या होंगे फायदे
भारत सरकार बहुत जल्द एक ऐसी पाॅलिसी ला रही है जिसके तहत 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों की बिक्री पर नए वाहन में विशेष छूट देने का प्रस्ताव है।

देश में इस नई स्क्रैपेज पाॅलिसी को जल्द लागू करने का प्रयत्न किया जा रहा है। परिवहन मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को इससे संबंधित नीतियों पर एक प्रस्तुति दी है। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने वाहनों के उपयोग को कम करने के साथ ही मंदी में पड़े ऑटोमोबाइल क्षेत्र को संकट से उबारना है।

सरकार इस पाॅलिसी के द्वारा मांग और आपूर्ति में ताल-मेल बनाने की कोशिश करेगी, जिससे ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुस्त पड़े वाहनों की मांग को फिर से गति दी जा सकती है।

परिवहन मंत्रालय का मानना है कि कर में दिये जाने वाले प्रोत्साहन से लोग पुराने वाहनों को बेचेंगे जिससे बाजार में नए वाहनों के लिए मांग बढ़ेगी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में छाई मंदी से निपटा जा सकेगा।

सरकार नई स्क्रैपेज पाॅलिसी के साथ अन्य प्रस्तावों को भी लेकर आएगी। इसमें पुराने वाहनों के लिए हर छह महीने में एक अनिवार्य वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र लेना शामिल है।

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर पिछले 20 साल के इतिहास में सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। वाहन निर्माता व डीलर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं।

नए इंटरनल कंबशन (आईसी) इंजन पर बढ़ाई गई पंजीकरण के दरों को असीमित अवधी के लिए वापस लेने का भी प्रस्ताव है । हालांकि, पंजीकरण नवीकरण शुल्क बढ़ाई गई दरों से ही लिये जाएंगे, जिससे ग्राहकों पर 15,000 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

पिछले प्रस्ताव में सरकार ने इंटरनल कंबशन (आईसी) इंजन वाले वाहनों पर पंजीकरण शुल्क बढ़ाने का फैसला किया था। इसका कारण देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोग तथा बिक्री को बढ़ाना था।

सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि मार्च 2020 को या उससे पहले खरीदे गए बीएस-4 वाहन पंजीकरण सीमा अवधी तक वैद्य रहेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि वर्तमान तिथि से मार्च 2020 के बीच खरीदे गए सभी वाहनों पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत की छुट भी दी जाएगी।

नई पाॅलिसी पर ड्राइवस्पार्क के विचार
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर काफी गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से ये पहल वाहन निर्माताओं तथा खरीददारों के लिए राहत लेकर आ सकती है। सरकार को वाहन टैक्स में अधिक रियायत देनी चाहिए ताकि जल्द इस स्थिति से उबरा जा सके।


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