टेस्टिंग के दौरान सेल्फ ड्राइव बस हो गई दुर्घटनाग्रस्त, पढ़ें यहां
दुनियाभर में भविष्य इलेक्ट्रिक और स्वायत्त वाहनों का है। वहीं कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध भी करा दिए गए है। हालांकि कुछ विकसित देशों में स्वायत्त वाहन उपयोग में लाई जा रही है, जबकि कुछ देशों अब भी विकसित की जा रही है।

इस कड़ी में कई विकासशील देश में इस तकनीक को अपनाना चाहते है। अगर देखा जाएं तो लेवल 3 के स्वायत्त वाहन नियमित वाहनों की तरह ही दिखते है। इसमें भी ड्राइवर के नियंत्रित करने के लिए स्टीयरिंग व्हील और पैडल उपलब्ध होता है।

यह वाहन कुछ स्थितियो में ही खुद से ड्राइव करने में सक्ष्म हो पाते है, इन स्थितियों में फ्रीवे और एक्सप्रेसवे शामिल है। साथ ही यह वाहन स्वायत्त मोड में ड्राइव करने के लिए एलआईडीआर और अन्य सेंसर प्रौद्योगिकियों पर निर्भर करता है। हालांकि, ड्राइवर किसी भी समय वाहन को नियंत्रित कर सकता है।

वहीं कई ऑटो निर्माता अब लेवल 5 स्वायत्तता की ओर बढ़ रहे है, इसमें वाहन के आवगमन में किसी भी मानवीय भागीदारी की आवश्कता नहीं होगी। आपको बता दें कि कई कंपनियां ऐसी भी है, जिन्होंने पहले ही लेवल 5 स्वायत्त वाहनों का परीक्षण कर लिया है।

इस कड़ी में नव्य एसएएस शटल एक ऐसा वाहन है जिसका परीक्षण किया जा रहा है। वियना में पिछले महीने ऑस्ट्रियाई इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी और सीमेंस मोबिलीटी की भागीदारी के साथ इन ड्राइवरलेस बसों का परीक्षण शुरू किया।

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लेकिन इस परीक्षण के दौरान ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह परीक्षण वाहन की विश्वसनीयता और दुर्घटना रहित स्वायत्त ड्राइबिंग वाहन साबित करने के लिए किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार जब इस वाहन की टक्कर 30 साल की महिला के साथ हुई तो यह 12 किमी घंटे की स्पीड से चल रहा था।

चूंकि घटना गम गति से हुई इसलिए महिला को गंभीर चोट नहीं आई है। वहीं इस पर कारवाई करते हुए वियाना अधिकारियों ने परीक्षण को स्थायी रूप से रोक दिया है। नव्या ने इस घटना पर करते हुए कहा कि स्वायत्त शटल को विशेष रूप से ड्राइवर रहित वाहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसमें नेविगेशन और सुरक्षी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया था।

इसमें स्टीयरिंग और पैडल का इस्तेमाल नहीं होता है। ऑटोनोम शटल प्रभावी मार्गदर्शन के लिए डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग करता है। यह डिटेक्शन सिस्टम विभिन्न प्रकार की उन्नत प्रौद्योगिकी को जोड़ती है। लिडार सेंसर, कैमरा, जीपीएस आरटीके, आईएमयू और ओडोमेट्री से डटा को एक साथ मिलाया जाता है और इसका विशलेषण किया जाता है।

स्वायत्त वाहनों के बारे में विचार
ऑस्ट्रिया में स्वायत्त वाहन पहले से ही हैं, लेकिन वे अभी भी रोजमर्रा के व्यावहारिक उपयोग में लाने के लिए इन्हें अभी लंबा समय तय करना होगा। विश्वसनीय और भरोसेमंद तरीके से इन स्वायत्त वाहनों को कार्रवाई में लाने में बहुत समय और प्रयास लगेगा। यह घटना कम गति से घटित हुई, लेकिन अगर बस अधिक गति से चलती तो यह भयानत दुर्घटना का रूप लें सकता था।


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