रेनॉल्ट डीजल कारों का उत्पादन 2020 से कर देगा बंद, जानिये क्यों
रेनॉल्ट भारतीय बाजार में धीरे धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है तथा भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए कार तैयार कर रहा है। हाल ही में कंपनी ने नई कार रेनॉल्ट ट्राइबर को भारत में पेश किया है।

अब रेनॉल्ट ने घोषणा की है कि कंपनी 2020 से डीजल कारों का उत्पादन बंद कर देगी। कंपनी ने 1 अप्रैल 2020 से लागू हो रहे बीएस-6 मानक की वजह से यह निर्णय लिया है। इसके तहत भारत में बीएस-6 मानक के अनुसार तैयार किये गए इंजन ही प्रयोग किये जा सकेंगे।

डीजल कारों को नए उत्सर्जन मानक में अपग्रेड में अधिक खर्च आएगा तथा डीजल कारों की कीमत पेट्रोल के मुकाबले 2 लाख तक बढ़ सकती है इसलिए रेनॉल्ट ने डीजल कार का उत्पादन 2020 में बंद करने का निर्णय लिया है।

हाल ही में मारुति, टाटा जैसी कंपनियों ने भी घोषणा किया है कि वे भी 2020 से छोटे डीजल इंजन का निर्माण बंद कर देंगे। भारतीय बाजार में डीजल कारों की बिक्री भी घटते जा रही है तथा वित्तीय वर्ष 2019 में इनका हिस्सा सिर्फ 19 प्रतिशत ही रह गया है।

यह पिछले दस सालों में सबसे कम है। हाल ही में रेनॉल्ट की ग्लोबल सीईओ ने इस बात की पुष्टि की है तथा उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर बिक्री के मामलें में डीजल कारों में कमी आ रही है। यह बहुत बड़ा बदलाव है लेकिन यह अचानक नहीं हो रहा है।

कंपनी हाल ही में पेश किये गए रेनॉल्ट ट्राइबर को इसलिए सिर्फ पेट्रोल इंजन के साथ उतार रही है। भारत में पेट्रोल इंजन की बिक्री में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है तथा डीजल इंजन की लोकप्रियता में कमी आयी है।

इसके साथ रेनॉल्ट भारत में 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण शुरू कर सकता है। कंपनी की योजना के अनुसार वह भारत में इलेक्ट्रिक वाहन का निर्माण करने पर ध्यान दे रहे है। सीके लिए कंपनी लोकल कंपनियों से पार्टनरशिप भी कर सकती है।

बाजार के रुख व सरकार के क़दमों को देखते हुए विदेशी कंपनियां भी भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन उतारा सकती है। इस क्षेत्र में विडेगी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी कम कर सकती है।
Source: ETAuto


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