रेनॉल्ट ई-क्विड इलेक्ट्रिक वाहन 10 लाख रुपयें से कम कीमत पर लाने की बना रहा है योजना
रेनॉल्ट भारत में इलेक्ट्रिक वाहन लाने की योजना बना रहा है लेकिन इसके लिए कंपनी पहले चार्जिंग इंस्फ्रास्ट्रक्चर के तैयार होने का इन्तजार कर रही है। वर्तमान में देश में इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने की लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

रेनॉल्ट का कहना है भारत में इलेक्ट्रिक वाहन को सपोर्ट करने के लिए सही वातावरण तैयार नहीं हुआ है और इसलिए वर्तमान में देश में इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने का कोई मतलब नहीं है। सिर्फ गैराज में रखे रहने के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन नहीं लाना चाहती है।

कंपनी का कहना है कि आज कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन से दिल्ली से मुंबई का सफर तय नहीं कर सकता है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहन के लिए पूरी तरह तैयार तब होगा जब इसके लिए बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।

रेनॉल्ट अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में ई-क्विड यानि क्विड को इलेक्ट्रिक रूप में उतार सकती है। कंपनी रेनॉल्ट ई-क्विड की कीमत 10 लाख रुपयें से कम रख सकती है ताकि यह अधिक से अधिक लोगों की पहुंच में हो।

कंपनी वर्तमान में पांच नई कार तथा मौजूद मॉडलों को अपडेट करने का काम कर रही है, इसमें इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल है। रेनॉल्ट क्विड का इलेक्ट्रिक वर्जन रेनॉल्ट k-ze पर आधारित होगा, जिसे हाल ही में शंघाई मोटर शो में पेश किया गया था।

रेनॉल्ट ई-क्विड को समान सीएमएफ-ए प्लेटफार्म पर ही तैयार किया जाएगा लेकिन बैटरी व इलेक्ट्रिक मोटर को रखने के लिए इसके डिजाइन में थोड़े बहुत बदलाव किये जा सकते है। इसके स्पेसिफिकेशन के बारें में अभी कुछ खुलासा नहीं हुआ है।

बात करें तो रेनॉल्ट k-ze की तो यह इलेक्ट्रिक वाहन सिर्फ 50 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत चार्ज हो सकती है। कंपनी ने इसमें स्लो चार्जिंग मोड का भी विकल्प दिया गया है, जिससे इसे पूर्ण चार्ज करने में 4 घंटे का समय लगता है।

यह कार सिंगल चार्ज पर 250 किलोमीटर की अधिकतम दूरी तय कर सकता है। माना जा रहा है कि इसके भारतीय वर्जन को भी इसी तरह रखा जाएगा, हालांकि यहां के वातावरण के हिसाब से थोड़े बहुत बदलाव किये जा सकते है।

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह छूट दे रही है जिसमें रजिस्ट्रेशन चार्ज, रोड टैक्स आदि शामिल है, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आयकर टैक्स में भी छूट मिल रही है लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की दिशा में काम नहीं कर रही है।

ड्राइवस्पॉर्क के विचार
रेनॉल्ट अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन को आगामी 2-3 साल में उतार सकती है, तब तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग की सुविधा भी बेहतर हो जायेगी। वर्तमान में इसे जल्द से जल्द बेहतर करने की जरूरत है ताकि रेनॉल्ट सहित अन्य कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वाहन को उतारने से हिचकिचाए नहीं।


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