रेनॉल्ट ला रही है बीएस-6 टर्बो-पेट्रोल इंजन, डस्टर व कैप्चर में किया जाएगा उपयोग
रेनाल्ट भारत में बीएस-6 टर्बो-पेट्रोल इंजन लेकर आ रही है। कंपनी का कहना है कि इस बीएस-6 पेट्रोल इंजन का उपयोग नेक्सट-जनरेशन डस्टर, कैप्चर और लाॅजी में किया जाएगा।

रेनॉल्ट दो टर्बो-पेट्रोल इंजन को बाजार में पेश कर सकती है, 1.0-लीटर इंजन जो 100 बीएचपी की पाॅवर और 160 एनएम का टार्क उत्पन्न करता है, 1.3-लीटर का 2-स्टेट्स-ट्यून इंजन जिसका अपर वेरिएंट 130 बीएचपी और 240 एनएम का टार्क उत्पन्न करता और लोअर वेरिएंट जो 150 बीएचपी और 250 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है।

कंपनी अपने लाइनअप में मौजूद डीजल इंजन के कुछ विशिष्ट मॉडलों को नए टर्बो-पेट्रोल इंजन से बदल सकती है। फिलहाल रेनॉल्ट की डीजल कारें 1.5 लीटर 2-स्टेट ट्यून डीजल इंजन विकल्प के साथ आती हैं।

इंजन का लोअर वेरिएंट 85 बीएचपी और 200 एनएम का टार्क उतपन्न करता है, वहीं अपर वेरिएंट 110 बीएचपी और 245 एनएम का उत्पन्न करता है। लोअर वेरिएंट इंजन केवल डस्टर और लॉजी मे लगाया गया है, वहीं अपर वेरिएंट इंजन कैप्चर सहित सभी तीन मॉडलों में उपलब्ध है।

फिलहाल रेनाल्ट लाॅजी सिर्फ एक डीजल इंजन वेरिएंट में उपलब्ध है, जिसे जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, रेनॉल्ट ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि लॉजी में पेट्रोल इंजन मिलेगा या नहीं या इस लाइनअप को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि नया ट्यून टर्बो-पेट्रोल इंजन, अच्छे टॉर्क के साथ एमपीवी के लिए उपयुक्त होगा।
Most Read: मारुति एक्सएल6 दिखती है इतनी शानदार, देखें तस्वीरें

हालांकि, रेनॉल्ट ने 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन को नई 1.0-लीटर तीन-सिलेंडर के साथ बदल दिया है, इस इंजन को को यूरो-स्पेक डस्टर और न्यू-जनरेशन माइक्रा में लगाया गया है। यह इंजन 5-स्पीड मैनुअल गीयर बाॅक्स तथा ऑटोमैटिक ट्राॅसमिशन के साथ आती है।
Most Read: हुंडई ग्रैंड आई10 नियोस है सबसे खास, देखें आकर्षक तस्वीरें

रेनॉल्ट के नए भारत-आधारित 1.3 लीटर इंजन का विकास निसान, मित्सुबिशी, रेनॉल्ट ने संयुक्त रूप से किया है। यह नया 1.0 लीटर और 1.3 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन यूरो-6 उत्सर्जन मानकों के मुताबिक हैं, जो कि आने वाले भारत के बीएस-6 उत्सर्जन मानकों की तुलना में थोड़े सख्त हैं।
Most Read: किया सेल्टोस की यह तस्वीरें आपको कर देगी दीवाना

ड्राइवस्पार्क के विचार
रेनाॅल्ट के नए टर्बो-पेट्रोल इंजन अच्छी पाॅवर और टॉर्क के प्रदान करते हैं। यह नए इंजन, डीजल इंजन के जगह पर बेहतर विकल्प होंगे, ताकि कंपनी को अपने लाइन-अप से किसी भी मॉडल को बंद न करना पड़े। प्रमुख मोटर वाहन निर्माताओं ने पुष्टि की है कि वे कम क्षमता वाले डीजल इंजनों का उत्पादन बंद कर रहे हैं।


Click it and Unblock the Notifications








