प्रावास 2019 पैसेंजर मोबिलिटी की शुरूआत, सेफ, स्मार्ट और सस्टेनेबल पैसेंजर मोबिलिटी पर हुई बात
मुंबई देश की आर्थिक राजधानी के रूप में जानी जाती है। यहां लोग अपने सपनों को जीने आते है। लेकिन उनलोगों में से कुछ ही लोग होते है, जिनके सपने पूरे हो पाते है। मुंबई आने वाले ज्यादातर लोगों यहां की भीड़ का हिस्सा बनते है।

मुंबई में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना कितना मुश्किल है, इसे बताने की जरूरत नहीं है। शहर में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां लोगों के साथ उनके वाहनों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा सकती है। इस वजह से अक्सर मुंबई की सड़को पर ट्रैफिक जाम लगा रहता है।

यह समस्या सिर्फ मुंबई की ही नहीं है। भारत में ज्यादातर विकसित शहरों में ट्रैफिक की समस्या आम है। लेकिन मुंबई में यह कुछ ज्यादा ही है। वाहनों की संख्या अधिक होने की वजह से शहर में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।

यह समस्या सिर्फ मुंबई की ही नहीं है। भारत में ज्यादातर विकसित शहरों में ट्रैफिक की समस्या आम है। लेकिन मुंबई में यह कुछ ज्यादा ही है। वाहनों की संख्या अधिक होने की वजह से शहर में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।

इसे देखते हुए शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने इलेक्ट्रिक वाहनों सहित सार्वजनिक परिवहन बसों को बढ़ाने की बात कही है। आदित्य ठाकरे ने कहा इससे शहर में बेहतर जन संपर्क को स्थापित किया जा सकता है।

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दरअसल गुरूवार को वाशी में प्रावासा इंडिया इंटरनेशनल बस एंड कार शो का उद्घाटन किया जाना था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में आदित्य ठाकरे भी शामिल थे। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक बसों के उपयोग में लाने की बात कही है।

इस कार्यक्रम में राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते भी मौजूद थे। यह प्रवासा का दूसरा संस्करण है जो 25 से 27 जुलाई तक CIDCO प्रदर्शनी केंद्र, वाशी में आयोजित किया जा रहा है। इसका विषय "सुरक्षित, स्मार्ट और सस्टेनेबल पैसेंजर मोबिलिटी " को लागू करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे आगे कहते है कि "परिवहन विकास के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और कोई भी राज्य तब तक आगे नहीं बढ़ सकता है जब तक कि उसके पास एक मजबूत परिवहन प्रणाली न हो। महाराष्ट्र ने एक राज्य के रूप में बस किराए के युक्तिकरण जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप तेजी से विकास हुआ है।"

उन्होंने आगे कहा कि "अगले 20 वर्षों के लिए मल्टी-मॉड्यूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर एक बदलाव लाया जाए, जिससे बेहतर अंतिम मील कनेक्टिविटी हो सके, साथ ही ईंधन के लिए ईवीएस पर जोर दिया जाए।"

सेफ, स्मार्ट और सस्टेनेबल पैसेंजर मोबिलिटी थीम एक बहुत ही अच्छा विषय है। इस तरह के कार्यक्रमों में जन नेताओं की भागीदारी आने वाले समय के लिए शुभ संकेत है। भारत में आने वाला समय ईवीएस युग का है। मुंबई जैसे शहर में प्रदूषण से लड़ने के लिए यह बहुत उपयोगी होगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों का बस और टैक्सी के लिए उपयोग बेहतर वातावरण के लिए उपयोगी हैं।

इलेक्ट्रिक और सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल पर विचार
प्रावास एक्सपो में आदित्य ठाकरे द्वारा दिए गए इस बयान का मतलब साफ है कि वो भी भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन की उपयोगिता को बढ़ाना चाहते है। आदित्य ठाकरे शिवसेना के युवा नेता है। इसलिए वे बदलते समय के अनुसार बेहतरी के लिए लोगों के अच्छे विचारों को लोगों के साथ साझा करते रहते है।

मुंबई में ट्रैफिक की समस्या बहुत ही ज्यादा है। ऐसे में आदित्य ठाकरे द्वारा सुझाए गए बातों को लागू किया जाता है, तो निश्चित तौर पर इससे मुंबई की यातायात व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।


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