पैसेंजर वाहनों की बिक्री में आई आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट, अप्रैल 2019 में 17 प्रतिशत गिरी
देश में कारों की बिक्री में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अप्रैल 2019 में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 17.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है, यह पिछले आठ सालों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

पैसेंजर वाहनों की बिक्री में सबसे बड़ी गिरावट इससे पहले अक्टूबर 2011 में देखने को मिली थी जब इस सेगमेंट में 19.87 प्रतिशत बिक्री घट गयी थी। अप्रैल 2019 में कुल 2,47,541 यूनिट्स वाहन बेचे गए है जबकि अप्रैल 2018 में 2,98,504 वाहन बेचे गए थे।

हाल ही में मारुति सुजुकी व हुंडई जैसी कंपनियों के वाहनों की बिक्री में कमी आयी थी जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि वाहन बिक्री भी जरुर घटी होगी। पैसेंजर वाहनों के साथ साथ अन्य सेगमेंट की बिक्री में भी गिरावट आयी है।

वाहनों की बिक्री में गिरावट के पीछे बढ़ते इंश्योरेंस दाम, कैश में कमी तथा इनपुट कॉस्ट की वजह से बढ़ते वाहनों की कीमत को वजह बताया जा रहा है। हाल ही में अपडेटेड इंजन सहित कई कारणों के वजह से वाहन निर्माता कंपनियों ने कारों के दाम बढ़ाये है।

इसमें मारुति सुजुकी, महिंद्रा, रेनॉल्ट, हुंडई सहित कई कंपनिया शामिल है। माना जा रहा है वाहनों की बिक्री में गिरावट अभी आगामी कुछ महीनों तक बने रहने वाली है। कंपनिया वर्तमान में डीलर स्तर पर स्टॉक जमा करने से बचने की तैयारी कर रही है।

वाहनों की बिक्री के बारे में SIAM के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने कहा कि "बाजार में माहौल अच्छा नहीं है। अगर आप सभी विवेकाधीन खरीदी पर नजर डाले तो देखेंगे FMCG सेक्टर, ट्रेवल व टूरिज्म सेक्टर सब इसके प्रभाव में है।"

"ग्राहकों ने विवेकाधीन खर्च अभी रोक दिए है, और वाहन निश्चित ही एक विवेकाधीन खरीदी है।" उन्होंने उम्मीद जताई है कि आम चुनाव के बाद एक बार स्थायी सरकार बन जाने के बाद यह सेगेमेंट फिर से बढ़त दर्ज करेगा।


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