पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 18 सालों की सबसे बड़ी गिरावट, जानिये कितनी प्रतिशत गिरी
देश में वाहनों की बिक्री लगातार गिर रही है तथा इससे कार, बाइक व कमर्शियल वाहन सबकी बिक्री को प्रभावित किया है। अब SIAM (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबिल मैन्युफैक्चरर्स) ने आकड़े जारी कर इसकी पुष्टि भी कर दी है।

देश में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में जुलाई 2019 में 31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। इस महीने कुल 200,790 यूनिट वाहनों की बिक्री की गयी है वहीं पिछले साल इस दौरान 290,931 यूनिट वाहन बेचे गए थे।

वाहनों की बिक्री में गिरावट लगातार एक साल से चल रही है। अगर अप्रैल से जुलाई के बीच की बिक्री की बात करें तो भी पिछले साल के मुकाबले इसमें 21 प्रतिशत कमी देखी गयी है।

पैसेंजर वाहन में कार, यूटिलिटी व्हीकल तथा वैन शामिल है तथा अप्रैल से जुलाई 2019 के बीच इनकी बिक्री में क्रमशः 26.45 प्रतिशत, 7. 22 प्रतिशत तथा 30.97 प्रतिशत गिरावट आयी है।

पैंसेजर सेगमेंट के अलावा अन्य सेगमेंट के प्रदर्शन भी खास नहीं रहे है, इनकी बिक्री में भी गिरावट देखी गयी है। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की बिक्री जुलाई 2019 में पिछले साल के मुकाबले 25.71 प्रतिशत कम रही है।

पिछले महीने कुल 56,866 कमर्शियल वाहन बेचे गए है। साथ ही दो पहिया वाहनों की बिक्री में भी जुलाई 2019 में 16.8 प्रतिशत की गिरावट आयी है। पिछले महीने कुल 15,11,692 यूनिट बेचे गए है।

वाहनों में बिक्री में कमी ने इसके उत्पादन को भी प्रभावित किया है तथा जुलाई 2019 में इसमें 11 प्रतिशत की कमी आयी है। पिछले महीने कुल 2,508,860 यूनिट वाहनों का उत्पादन किया गया है।

आने वाले महीनों में यह हालात सुधरते हुए नजर नहीं आ रहे है। कई SIAM सहित कई कंपनियों ने भी बिक्री में बढ़त लाने के लिए वाहनों पर जीएसटी कम करने की मांग की है, हालांकि सरकार की ओर से इसका कोई जवाब नहीं आया है।

इसके साथ ही हाल ही में सरकार ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन चार्ज को बढ़ाने की पेशकश की है, अलग अगल कैटेगरी के हिसाब से वाहनों पर रजिस्ट्रेशन चार्ज बढ़ायें जा सकते है।

वाहनों की उत्पादन में कमी, अन्य क्षेत्र जो वाहन उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े है, उन्हें प्रभावित कर रही है। ऑटो कॉम्पोनेन्ट उद्योग उनमें से एक है तथा हाल ही में खबर थी कि इससे लाखों लोगों का रोजगार खतरे में है।

वहीं अन्य दूसरा क्षेत्र डीलरशिप का है जहां अभी तक हजारों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ गया है। बिक्री कम होने की वजह से बड़ी बड़ी कंपनियां भी अपने डीलरशिप को कम कर रही हैं।

पिछले महीने ACMA के अध्यक्ष राम वेंकटरमाणि ने कहा था कि अगर इसी तरह के हालात बने रहे तो पूरे ऑटो उद्योग से 10 लाख लोगों का रोजगार छीन सकता है। यह ऑटो उद्योग के लिए बहुत बड़े चिंता का विषय है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
पैसेंजर वाहनों की बिक्री के साथ अन्य सेगमेंट में भी जुलाई 2019 में बड़ी गिरावट देखी गयी है। उम्मीद की जा रही है कि वाहनों की कीमत को कम करने के लिए सरकार जीएसटी कम कर सकती है लेकिन इसके बहुत कम आसार दिखाई दे रहे है।


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