इस व्यक्ति को ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा महंगा, 23,000 हजार रुपयें का लगा जुर्माना
भारत सरकार ने पूरे देश में 1 सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट को लागू कर दिया है। यह संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट पर देशभर में कई विवाद भी हो रहे है। पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने इसे लागू करने से मना कर दिया है।

दरअसल नए संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट के नियम नहीं मानने पर भारी जुर्माना और सजा का भी प्रावधान है। सराकार ने इसे यातायात व्यवस्था को सही करने के लिए लिया गया कदम बताया है।

लेकिन देश में कुछ ऐसे लोग भी है, जिन्हें यह मोटर व्हीकल एक्ट कुछ समझ नहीं आ रहा है। इनमें बड़े नेताओं के साथ आम लोगों की भी अच्छी संख्या है।

नए संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद से ही देश भर इसपर प्रतिक्रिया आ रही है। पटना में मंगलवार को खुद पुलिस अधिकारी ही मोटर व्हीकल एक्ट का शिकार बन गए। वहीं दिल्ली में यातायात नियम नहीं मानने वाली आम जनता को नए नियमों ने खूब रूलाया।

नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के एक दिन बाद, दिल्ली के एक व्यक्ति पर सोमवार को गुरुग्राम में 23,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। गुरुग्राम पुलिस ने दिनेश मदन के एक्टिवा को जब्त कर लिया और उसे नए ट्रैफ़िक अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया है।

पुलिस ने कहा कि पूर्वी दिल्ली की गीता कॉलोनी का रहने वाला मदन ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित बुनियादी दस्तावेजों के बिना गाड़ी चला रहा था।

पुलिस ने कहा, '' उनके पास थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी नहीं था, मदन ने हेलमेट भी नहीं पहना था। ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे गुरुग्राम कोर्ट के पास मदन का चालान किया था।

मोटर वाहन संशोधन अधिनियम, जो 1 सितंबर को लागू हुआ, का उद्देश्य यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए कड़ी से कड़ी सजा देना है। अधिनियम के अनुसार, बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना, ट्रैफिक सिग्नल को कूदना, तेज गति, बिना बीमा के वाहन चलाना और वाहनों को ओवरलोड करना वाहन चालकों को भारी जुर्माना लगेगा।

शराब के प्रभाव में ड्राइविंग, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं देने पर अधिनियम के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना या कारावास होगा। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण प्रमाण पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया है, तो उसे 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

वहीं अगर दोपहिया वाहन मालिक बिना हेलमेट के सवारी करते पकड़े जाते हैं, तो उन्हें न केवल 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा, बल्कि अगले तीन महीनों के लिए उनके लाइसेंस निलंबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च दंड दुर्घटनाओं और यातायात के उल्लंघन के मामलों को कम करने में काफी मदद करेगा।

नए मोटर वाहन नियम में बढ़े हुए जुर्माने के चलते जहां मध्यप्रदेश व पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू करने से साफ मना कर दिया है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ व हिमाचल प्रदेश में यह विचाराधीन है।

राज्यों के नेता सहित आम लोगों में भी बढ़े हुए जुर्माने को लेकर बहुत ही रोष दिखाई दे रहा है तथा चारों तरफ इसका विरोध हो रहा है। बतातें चले कि इसमें कुछ नए नियम जैसे इमरजेंसी वाहन को रास्ता ना देने पर भी 10,000 रुपयें जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

इसके साथ ही अगर आपके साथ पांच साल की आयु से अधिक बच्चा चल रहा है तो उसके सुरक्षा की जिम्मेदारी (हेल्मेट आदि) आपकी होती है तथा इसका उल्लंघन करते पाएं जाने पर भी आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

सरकार ने नए मोटर वाहन नियम 2019 के तहत 63 धाराओं पर जुर्माने की राशि बढ़ायी है। इसमें वाहनों के ओवरलोडिंग से लेकर तेज गति में वाहन चलाने तक सभी शामिल है।


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