नई मारुति वैगन आर की बिक्री 1 लाख यूनिट के पार, जाने क्यों है देश में लोकप्रिय
मारुति सुजुकी ने इस साल जनवरी 2019 में नयी मारुति वैगन आर को लॉन्च किया था तथा सिर्फ दस महीनों में ही इस कार ने 1 लाख यूनिट की बिक्री का आकड़ा पार कर लिया है।

मारुति वैगन आर कंपनी की देश में एक लोकप्रिय कार है तथा नए अवतारके साथ लाये जाने के साथ ही इसकी मांग में भी बढ़त दर्ज की गयी है जिस वजह से कुछ ही महीनों में वैगन आर ने 1,03,325 यूनिट का आकड़ा छुआ है।

जनवरी 2019 से लाये जाने के बाद से ही नई मारुति वैगन आर की बिक्री हर महीने दस हजार यूनिट के ऊपर हो रही है, नवंबर में भी इसकी 14,650 यूनिट बेचीं गयी है।

नई मारुति वैगन आर भारतीय बाजार में हुंडई सैंट्रो जैसी कार को टक्कर देती है तथा इसकी बीते महीने सिर्फ 3852 यूनिट ही बेचीं गयी है। इससे नई मारुति वैगन आर की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नई मारुति वैगन आर को पुराने मॉडल के मुकाबले कई बदलावों के साथ लाया गया था, इसके बेहतर डिजाइन, अधिक फीचर्स व आकरसड़क लुक के साथ उतारा गया था, जिस वजह से देश के ग्राहकों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।

मारुति सुजुकी ने नई वैगन आर को बीएस-6 इंजन के साथ उपलब्ध करा दिया है। वर्तमान में यह दो इंजन विकल्प 1.0 लीटर तथा 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध कराया है। इसमें 5 स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ 5 स्पीड एएमटी गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है।

हाल ही में मारुति सुजुकी ने 6 लाख ऑटोमेटिक कार की बिक्री पार करने की घोषणा की है। कंपनी ने ऑटोमेटिक कार पहली बार 5 साल पहले लायी थी, अब अधिकतर मॉडलों में ऑटोमेटिक का विकल्प दे चुकी है।

बात करें नई मारुति वैगन आर की तो इसके आने के बावजूद कंपनी ने पुराने मॉडल की बिक्री जारी रखी है तथा उसे भी बीएस-6 इंजन के साथ उपलब्ध करा दिया है।

नई मारुति वैगन आर बेहतर होने की वजह से अब कंपनी की एक लोकप्रिय मॉडल बन गयी है तथा कुछ महीने पहले ही देश की सबसे अधिक बिकने वाली कार की लिस्ट में पहले नंबर पर थी।

देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी, मारुति सुजुकी ने 6 लाख से अधिक ऑटोमैटिक कारों को बेच कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मारुति सुजुकी ने साल 2014 में पहले बार सेलेरियो में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का इस्तेमाल किया था।

कंपनी का कहना है कि सेलेरियो के बाद ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाली कारों की मांग में बढ़ोत्तरी होती चली गई।

यही नहीं, कंपनी ने वर्ष 2018-19 में 2 लाख से अधिक ऑटोमैटिक गियर वाले कारों की बिक्री की है।

फिलहाल, मारुति सुजुकी अपनी बारह कार मॉडलों में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प देती है। इन बारह कारों में आल्टो के10, एस-प्रेस्सो, वैगनआर, सेलेरियो, स्विफ्ट, डिजायर और ब्रेजा शामिल हैं।

मारुति सुजुकी अर्टिगा, सियाज और एक्सएल 6 में भी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है, जबकि बलेनो कंपनी के एकमात्र कार है जिसमे कंटीन्यूअस वैरिएबल ट्रांसमिशन (सीवीटी) गियरबॉक्स मिलता है।

कंपनी का कहना है कि मारुती की कारों के प्रति ग्राहकों का विश्वास बढ़ा है। ग्राहक कंपनी के द्वारा तैयार की गई नई तकनीक को अपना रहे हैं, जिससे कंपनी को लगातार आगे बढ़ते रहने का हौसला मिला है।

मारुति ने कहा कि कंपनी कारों के कई रेंज में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प दे रही है, जिससे बाजार में छोटी और बड़ी कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।

मारुति सुजुकी की ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारें ट्रैफिक भरी शहरी सड़कों से लेकर हाईवे पर भी बेहरत परफॉरमेंस देती हैं।

कंपनी का कहना है कि मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाली कारों की डिमांड ज्यादा है।

मारुति के लाइनअप में सबसे सस्ती ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन कार आल्टो के10 है जिसकी शुरुआती कीमत 4.38 लाख रुपये है, वहीं एक्सएल अल्फा एटी एमपीवी ऑटोमैटिक लाइनअप सबसे महंगी कार है। इस एमपीवी की शुरुआती कीमत 11.46 लाख (एक्स-शोरूम,भारत) है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
नई मारुति वैगन आर को पुराने मॉडल के मुकाबले बहुत बेहतर करके लाया गया है जिस वजह से यह खूब लोकप्रिय हो चुकी है। सिर्फ दस महीने में ही इस कार ने 1 लाख यूनिट की बिक्री कर ली है।


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