मारुति अब सुजुकी को भारतीय मुद्रा में देगी रॉयल्टी
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति ने अपने सहयोगी कंपनी सुजुकी से एक एग्रीमेंट किया है जिसके तहत कंपनी आगामी 2025 से सुजुकी को भारतीय मुद्रा यानि की रुपये में रॉयल्टी देगी।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति ने अपने सहयोगी कंपनी सुजुकी से एक एग्रीमेंट किया है जिसके तहत कंपनी आगामी 2025 से सुजुकी को भारतीय मुद्रा यानि की रुपये में रॉयल्टी देगी। जो कि अब तक कंपनी जापानी मुद्रा में दे रही थी। आपको बता दें कि मारुति आगामी 6 वर्षों में पूरी तरह से नए मॉडलों को बाजार में पेश करने के लिए तेजी से काम कर रहा है। जिसके बाद कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को रॉयल्टी का भुगतान येन के बजाए रुपये में करेगी।

दोनों कंपनियों के बीच इस एग्रीमेंट को तय किया जा चुका है। दरअसल, रुपये में रॉयल्टी भुगतान का उद्देश्य मौजूदा मॉडलों की शुद्ध बिक्री के औसत रॉयल्टी दरों को घटाकर 5 प्रतिशत करना है। तुलनात्मक रूप से, जापानी येन में रॉयल्टी भुगतान मौजूदा मॉडलों के लिए लगभग 5.6 से 6 प्रतिशत है।

मारुति सुजुकी की तरफ से बेची जाने वाली मारुति विटारा ब्रेजा ही एकमात्र ऐसी मॉडल है जिसके लिए कंपनी 4 प्रतिशत रॉयल्टी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को देती है। क्योंकि इस कार को पूरी तरह भारत में बनाया गया है। इस बारे में मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर.सी. भागर्व ने सन 2017 में ही संकेत दिए थें। मीडिया को दिए गये अपने एक बयान में आर. सी. भागर्व ने कहा था कि, मारुति निकट भविष्य में स्वयं ही कई नए मॉडलों का निर्माण करेगी। वहीं अपने घरेलु बाजार में तैयार किए गए मॉडलों के लिए कंपनी अपने सहयोगी को भारतीय मुद्रा में भुगतान करेगी। इसमें वो मॉडल शामिल होंगे जिनका निर्माण भारत में ही किया जा रहा है।

दिसंबर 2018 में मारुति ने घोषणा की थी कि कंपनी अब बीएस 4 वाले मॉडलों का उत्पादन बंद करने जा रही है। क्योंकि वर्ष 2019 से नए बीएस 6 नॉर्म्स वाले वाहनों के उत्पादन की अनुमति सरकार ने दी है। अब देश में केवल बीएस 6 नॉर्म्स वाले वाहनों की ही ब्रिकी की जाएगी। इसके लिए तमाम वाहन निर्माताओं ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मारुति भी अपने सभी वाहनों को बीएस 6 नॉर्म्स वाले इंजन से लैस कर बाजार में उतारने जा रही है। बीएस 6 नॉर्म्स वाले डीजल वाहनों की कीमत में खासा इजाफा देखने को मिलेगी। इनकी कीमत पेट्रोल मॉडलों के मुकाबले तकरीबन 1.5 से 2 लाख रुपये तक ज्यादा होगी।

आपको बता दें कि, आगामी अक्टूबर 2019 से देश भर में बीएस 6 नॉर्म्स का नियम लागू हो जायेगा। इसके पूर्व ही सभी वाहन निर्माता अपने वाहनों में बीएस 6 नॉर्म्स वाले इंजनों का प्रयोग कर रहे हैं। मारुति सुजुकी अपने एंट्री लेवल वाहनों में भी बीएस 6 नॉर्म्स इंजन का प्रयोग करने की तैयारी में है। मारुति इस वक्त भारत में ही ज्यादातर वाहनों के निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रीत कर रही है। सूत्रों की मानें तो निकट भविष्य में कई नए मॉडलों को बाजार में पेश किया जायेगा जिनका निर्माण कंपनी भारत में ही करेगी। एक तरह से देखा जाए तो मारुति तेजी से अपने पैरो को मजबूत कर रही है और सुजुकी पर अपनी निर्भरता को कम कर रही है। कंपनी के लिए ये अच्छे संकेत हैं।

क्या है बीएसई 6 नॉर्म्स:
बीएसई यानि की भारत स्टेज उत्सर्जन मानक जिसे अंग्रेजी में (Bharat stage emission standards) (BSES: बीएसईएस) कहा जाता है। ये भारत सरकार द्वारा स्थापित उत्सर्जन मानक हैं जो कि वाहनों के इंजन द्वारा उत्सर्जित वायु प्रदूषकों की मात्रा के मानक को तय करते हैं। इसे देश भर में बढ़ रहे प्रदूषण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

अब तक देश में बीएस4 इंजनों के प्रयोग की अनुमति सरकार ने दी थी। लेकिन अब आगामी अक्टूबर 2019 से वाहन निर्माताओं को बीएस 6 इंजनों का प्रयोग करना होगा। इन मानकों और उनको लागू किए जाने की समयसीमा का निर्धारण पर्यावरण और वन मंत्रालय और जलवायु परिवर्तन के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है।


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