मारुति सुजुकी की बीएस-4 स्टॉक खत्म होने के कगार पर, यह है कारण
मारुति सुजुकी ने अपने अधिकतर मॉडल को बीएस-6 वर्जन में उतार दिया है। मारुति सुजुकी की बीएस-4 मॉडलों की स्टॉक भी खत्म होने के कगार पर पहुंच गयी है।

मारुति सुजुकी की ऑल्टो, स्विफ्ट, बलेनो, अर्टिगा, डिजायर जैसे मॉडलों के बीएस-4 वर्जन वाले स्टॉक अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गयी है। कंपनी के पास सिर्फ 14 दिन का बीएस-4 का स्टॉक बचा है।

मारूति सुजुकी के पास वर्तमान में ऑल्टो, वैगनआर, अर्टिगा, स्विफ्ट, डिजायर जैसे मॉडलों के पेट्रोल बीएस-4 ही बचे हुए है तथा यह भी कुछ दिन में खत्म होने वाले है।

मारुति इन कारों के पेट्रोल वर्जन का निर्माण नहीं करने वाली है, हालांकि बीएस-4 डीजल कारों का निर्माण 2019 के अंत तक चलता रहेगा। कंपनी इसके बदले बीएस-6 1.6 लीटर डीजल इंजन लाने वाली है।

कंपनी ने देश में अपनी पहली बीएस-6 कार को अप्रैल में लॉन्च किया था तथा अब तक कंपनी द्वारा 2 लाख से अधिक बीएस-6 वाहन बेचे जा चुके है। इससे समझा जा सकता है कि बीएस-6 मॉडलों की मांग बी ही बढ़ रही है।

मारुति सुजुकी ने अपने 70 प्रतिशत मॉडलों को पेट्रोल बीएस-6 में बदल दिया है तथा वर्तमान में अन्य मॉडलों को बीएस-6 लाने की तैयारी चल रही है। नए मॉडलों को शुरू से ही बीएस-6 इंजन के साथ लाया गया है।

कंपनी की मारुति एक्सएल6 तथा मारुति एस-प्रेसो को छोड़कर अन्य मॉडल बीएस-4 वैरिएंट में उपलब्ध थे लेकिन इन सब मॉडलों को बदल दिया गया है। इसके बीएस-6 मॉडलों की बिक्री अच्छी हो रही है।

बतातें चले कि भारत में बीएस-6 वाहनों के लिए नए उत्सर्जन मानक है जो कि 1 अप्रैल 2020 में लागू हो रही है। इसके लागू होने के बाद नए लॉन्च होने वाले वाहन का बीएस-6 अनुसरित इंजन होना जरुरी है।

मारुति सुजुकी अपने मॉडलों को बीएस-6 में बदलने में सबसे आगे दिख रही है तथा कंपनी ने ही सबसे पहले डीजल बंद करने की घोषणा की थी। इससे कंपनी की बिक्री प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
मारुति सुजुकी की बीएस-6 मॉडलों की लोकप्रियता के बावजूद बीएस-4 स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। इसका कारण यह है कि कंपनी बीएस-4 मॉडलों पर भारी डिस्काउंट दे रही है, जिस वजह से ग्राहक जल्द से जल्द खरीद रहे है।
स्त्रोत: मनीकंट्रोल


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