पेट्रोल-डीजल से भी सस्ता हुआ विमान ईंधन - क्या घटेंगे हवाई टिकट के दाम?
भारत में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें कई शहरों में पेट्रोल-डीजल और यहां तक की केरोसिन से भी सस्ती हो गई हैं। जी हां, मंगलवार को विमान ईंधन में 14.7 प्रतिशत की कटौती की गई।
भारत में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें कई शहरों में पेट्रोल-डीजल और यहां तक की केरोसिन से भी सस्ती हो गई हैं। जी हां, मंगलवार को विमान ईंधन में 14.7 प्रतिशत की कटौती की गई। विमान ईंधन या एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में ये कटौती इसीलिए की गई है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एटीएफ की कीमतों में गिरावट आई है।

विमान ईंधन की कीमतों की कटौती के इतिहास में यह एक बार में की अब तक की सबसे बड़ी कटौती है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, विमान ईंधन का दाम 9,990 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 14.7 प्रतिशत गिरकर 58,060.97 रुपये प्रति किलोलीटर पर आ गया है।

यह लगातार दूसरा महीना है जब विमान ईंधन में कटौती की गई है। इससे पहले एक दिसंबर को ATF के दाम में 8,327.83 रुपये प्रति किलो लीटर यानी 10.9 प्रतिशत की कमी की गई थी। इस दो बड़ी गिरावट के कारण विमान ईंधन की कीमतें साल के सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गईं है।

एटीएफ की कीमतों में ये रिकॉर्ड गिरावट और उसकी कीमतों में कटौती और भी एतिहासिक इसलिए बन जाता है क्योंकि इस कटौती के बाद एटीएफ की कीमत वर्तमान में कई शहरों में पेट्रोल-डीजल और केरोसीन से भी नीचे चला गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, बिना राशन वाला केरोसीन दिल्ली में 56.59 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 59.53 रुपये प्रति लीटर है। इस तरह यह मुंबई में बिना राशन वाले केरोसीन से भी सस्ता हो गया है।

वहीं दिल्ली में पेट्रोल 68.65 रुपये प्रति लीटर है। इसकी तुलना में एटीएफ 58,060.97 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 58.06 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, दिल्ली में डीजल 62.66 रुपये में है। इस लिहाज से एटीएफ, पेट्रोल और डीजल की तुलना में सस्ता हो गया है।

गौरतलब है कि हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एटीएफ के भाव में बदलाव करती हैं। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय कीमतों और रुपए-डॉलर के एक्सचेंज रेट के हिसाब से कीमतें तय की जाती हैं। एक दिसंबर 2018 को एटीएफ के रेट 10.9% घटाए गए थे।

एटीएफ की कीमतों में हुई इस कटौती का सीधा फायदा एविएशन कंपनियों को जाएगा, क्योंकि एयरलाइंस के व्यय में 35 से 40 प्रतिशत इसीमें होता है। ईंधन की ऊंची कीमत के कारण चालू वित्त वर्ष की 30 सिंतबर को समाप्त पहली छमाही में विमान सेवा कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन अब कीमतों में कटौती से एविएशन कंपनियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

एटीएफ की कीमतों में कमी का अकेला फायदा सिर्फ एविएशन कंपनियां ले जाएं ऐसा भी संभव नहीं। वैसे भारत की अधिकतर एविएशन कंपनी घाटे में है लेकिन निश्चिच तौर पर उन्हें चाहिये की घटी कीमतों का कुछ फायदा ग्राहकों को भी दिया जाए और हवाई टिकट के दाम घटाए जाएं।


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