हाइब्रिड कार क्या है: तथ्य, अंतर फायदे व नुकसान
देश में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। हाल ही में दिल्ली में इसी के चलते ऑड-ईवन योजना लागू किया गया था, लेकिन अब भी यह प्रदूषण नहीं हटा है।

ऐसे में नई कार खरीदने वाले लोगों को सही तरह की कार का चुनाव करने में बहुत परेशान हो रही है। जो लोग पेट्रोल व डीजल या पूर्ण इलेक्ट्रिक कार नहीं खरीदना चाहते है उनके लिए हाइब्रिड कार बाजार में उपलब्ध है।

लेकिन यह हाइब्रिड कार है क्या?
हाइब्रिड कार में एक सामान्य कार की तरह ही होता है लेकिन इसमें दो इंजन का उपयोग किया जाता है जिसमें एक पेट्रोल या डीजल इंजन होता है तथा दूसरा इलेक्ट्रिक मोटर होता है, इस तकनीक को हाइब्रिड कहा जाता है।

इस तकनीक के मदद से दोनों तरह के इंजन कार को पॉवर प्रदान करते है, लेकिन ऐसा नहीं है कि दोनों का पॉवर जुड़ के अधिक पॉवर देता है। इसके दोनों इंजन का पॉवर औसत पॉवर कार को प्रदान करते है।

लेकिन क्या बाजार में सिर्फ एक ही तरह का हाइब्रिड कार उपलब्ध है? जी नहीं हाइब्रिड कार भी तीन प्रकार के होते है:
1. पैरेलल हाइब्रिड कार
यह हाइब्रिड कारों का सबसे लोकप्रिय प्रकार है। इस तरह की हाइब्रिड कार को तीन अलग-अलग तरीके से चलाया जा सकता है जिसमें सीधे इंजन से, सीधे इलेक्ट्रिक मोटर से तथा दोनों की मदद से, शामिल है।

2. रेंज एक्सटेंडर हाइब्रिड कार
इस तरह की हाइब्रिड कार अपने पारंपरिक इंजन को जनरेटर को इलेक्ट्रिसिटी उत्पादन करने के लिए उपयोग करती है, यह जनरेटर बैटरी को रिचार्ज करता है। इसका इंजन कार को कभी नहीं चलाता है, यह सिर्फ इलेक्ट्रिक मोटर के लिए ऊर्जा उत्पन्न करता है।

हाइब्रिड कार को माइल्ड व स्ट्रांग के आधार पर भी बांटा जा सकता है, हालांकि यह उनके बैटरी के पॉवर की क्षमता पर निर्भर करता है। अधिक बैटरी क्षमता वाली कार सिर्फ इलेक्ट्रिक पावर से माइल्ड के मुकाबले अधिक चल सकती है।

3. प्लग इन हाइब्रिड
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है इस तरह की कार को इलेक्ट्रिक स्टेशन से बैटरी को चार्ज किया जा सकता है, साथ ही चलते चलते भी चार्ज किया जा सकता है। यह पारंपरिक हाइब्रिड कार तथा इलेक्ट्रिक वाहन के बीच में रखी गयी है।

प्लग इन हाइब्रिड में पारंपरिक इंजन भी लगाया जाता है लेकिन इनका बैटरी सामने हाइब्रिड कारों से बड़ी होती है। जिस वजह से इलेक्ट्रिक पॉवर का उपयोग कर के ही अधिक दूरी का सफर तय किया जा सकता है।

लेकिन सामान्य पेट्रोल या डीजल इंजन वाली कार व हाइब्रिड कार में क्या अंतर है?
हाइब्रिड कार में दो इंजन वाली तकनीक का उपयोग किया जाता है। सामान्य कार में ईंधन खत्म होने पर वह वहीं रुक जाती है लेकिन हाइब्रिड कार का ईंधन खत्म होने पर इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से कुछ किलोमीटर का सफर आसानी से किया जा सकता है।

क्या हाइब्रिड कार के कोई लाभ है?
जी हां, हाइब्रिड कार के उपयोग से प्रदूषण कम होता है। वहीं हाइब्रिड कार ईंधन की कम खपत करता है, सामान्य कार की तुलना में यह 20-30 प्रतिशत ईंधन की बचता करता है जिससे चलने का खर्च कम हो जाता है।

और हाइब्रिड कार के नुकसान?
वर्तमान में हाइब्रिड कार में उपयोग की जाने वाली बैटरी की लाइफ अधिक नहीं होती है। इसकी सर्विस आदि के लिए आपको कंपनी के ऊपर ही निर्भर ही रहना पड़ता है।
इसके साथ ही भारत में अभी इस कार को रिसाइकिल करने के तरीके अभी तक आये नहीं है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारत में अभी तक हाइब्रिड कार बहुत ही महंगे है, जिस वजह से अभी तक यह लोकप्रिय नहीं हो पायी है। लेकिन आने वाले दिनों में उम्मीद है कि देश में हाइब्रिड कार की मांग बढ़ सकती है।


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