टोल टैक्स पर सरकार का कड़ा रूख, अच्छी सड़के चाहिए तो देना होगा टोल टैक्स
राष्ट्रिय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पिछले कई दिनों से परिवहन क्षेत्र में विकास के लिए निर्णय ले रहे है। अभी हाल ही में उन्होंने ऐसे कई फैसेले लिए है, जिससे भारत के परिवहन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी।

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ मिलकर देश में इथेनॉल गैस स्टेशन के निर्माण की बात कही है। साथ ही सभी वाहनों में नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल को भी अनिवार्य कर दिया है। आने वाले महीने में परिवहन मंत्रालय ने सभी टायर निर्माताओं को इस निर्देश का पालन करने को कहा है।

वहीं अभी हाल में ही लोकसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रिय परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि देश में टोल सिस्टम को सरकार कभी खत्म नहीं करेगी। आम लोगों को टोल का भुगतान हमेशा करना ही होगा। सरकार जनता को बेहतर ट्रांसपोर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। इसके लिए टोल टैक्स को कभी नहीं हटाया जा सकता है।

नितिन गडकरी ने इस पर आगे कहा है कि टोल टैक्स को समय के मुताबिक कम और ज्यादा किया जा सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगा। साथ ही टोल प्लाजा पर यात्रा को परेशानी मुक्त बनाने के लिए फास्टैग या अन्य डिजिटल तरीकों से 100% टोलिंग को चार महीने की समय सीमा के अंदर लागू कर लिया जाएगा।

लोकसभा में विपक्ष ने परिवहन विभाग के संबधित अनुदानों पर सवाल पूछा था। साथ ही लंबे समय से एनएच पर वसूल किए जा रहे टोल पर भी चिंता जताई थी।

टोयोटा यारिस: होंडा सिटी को टक्कर देने आयी यह शानदार कार, अभी करें टेस्ट ड्राइव
सरकार द्वारा बनाई गई सड़क या राजमार्ग से जब लगाई गई लागत को टोल के माध्यम से वसूल लिया जाता है, तो टोल टैक्स को खत्म कर दिया जाता है। केरल सरकार ने हाल में ही कई सड़कों और पूलों पर टोल वसूली को रोक दिया है।

लेकिन गडकरी ने इस पर साफ किया है कि अच्छी सड़कों के लिए टोल टैक्स वसूल करना अनिवार्य है। भारत के लोग टोल टैक्स जमा भी करते है। इसलिए उन्हें अच्छी सड़के और राजमार्ग प्राप्त करने का अधिकार है।

टोल से मिलने वाली राशि को सरकार बेहतर सड़क और राजमार्ग बनाने के लिए प्रयोग में लाती है। गडकरी ने यह भी उल्लेख किया कि परिवहन विभाग स्कूल बसों और राज्य परिवहन बसों को टोल में छूट देने पर विचार कर रहा है।

साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी भी दी है कि सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 40,000 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण किया है। इन परियोजनाओं को जारी रखने के लिए पर्याप्त राजस्व बनाए रखने के लिए टोल टैक्स का होना बहुत जरूरी है।


Click it and Unblock the Notifications