सरकार करने जा रही है वाहन पंजीकरण, नवीकरण शुल्क में बढ़ोतरी
भारत में परिवहन क्षेत्र में बदलाव के लिए कई निर्णय लिए गए है। सरकार ऑटो उद्योग और भविष्य के परिवहन क्षेत्र को पूरी तरह से बदलना चाहती है। इसके लिए सरकार ने कई कदम भी उठाए है।

भारत सरकार और देश के ऑटो निर्माता इसके लिए साथ मिलकर काम भी कर रहे है। वहीं इन सब के बीच मोटर अधिनियम बिल को भी सरकार ने संसोधित कर लोक सभा से पारित करवा लिया है। यह बिल अब राज्य सभा में पेश होना है। उसके पास होने के बाद यह कानून के रूप में देशभर में लागू हो जाएगा।

लेकिन सरकार इतने पर ही नहीं रूकी है। भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहन के परिचाल को बढ़ाने के लिए वाहन पंजीकरण नियमों में भी बदलाव किया है। सरकार ने वाहन पंजीकरण के लिए नए नियमों को जारी किया है।

जल्द ही आपको पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए 10,000 रुपये के अलावा नए पेट्रोल और / या डीजल कार के पंजीकरण के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा। वर्तमान में, नए पंजीकरण और नवीकरण दोनों के लिए शुल्क 600 रुपये हैं।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने पारंपरिक वाहनो के पंजीकरण और नवीकरण शुल्क में 20 गुना से अधिक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इसके विपरीत, यह पहले से ही इलेक्ट्रिक या बैटरी संचालित वाहनों के पंजीकरण शुल्क के साथ दूर करने के लिए एक मसौदा प्रस्ताव को अधिसूचित कर चुका है।

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सूत्रों के अनुसार 30 मई को पहली बार सरकार ने पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का उद्देश्य से सरकार की नजर आई थी। इसके साथ ही सरकार ने कमर्शियल पेट्रोल और डीजल वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराने का भी प्रावधान रखा है।

इसके साथ ही कमर्शियल वाहनों को 15 वर्ष में दो बार फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इसके लिए मंत्रालय ने मैनुअल और स्वचालित फिटनेस टेस्ट के लिए शुल्क प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक दिन अगर 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के मालिक समय सीमा समाप्त होने से पहले नए फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करने में विफल रहते है, तो उन्हें 50 रुपयें प्रत्येक दिन शुल्क लिया जाएगा।

वर्तमान में, दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए पंजीकरण 15 साल के लिए वैध है। इसके साथ ही 15 और 10 साल बाद पेट्रोल और डीजल वाहनों के पंजीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध है।

वहीं मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि 25 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से पंजीकरण और नवीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा और जो लोग नया खरीदने के लिए अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करते हैं, उन्हें भी इस राशि का भुगतान करने से छूट दी जाएगी।

इस पर सराकार के अधिकारी ने यह भी साफ किया है कि यह छूट सिर्फ उन लोगों को मिलेगी, जो अपने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्वैच्छिक परिमार्जन नीति के तहत पेश करने की पेशकश करेंगे।


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