वाहनों के टायर में नाइट्रोजन हवा का किया जाएगा इस्तेमाल
सरकार वाहन के टायरों में अब सामान्य कंप्रेस्ड हवा की जगह नाइट्रोजन हवा का इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल गर्मियों में वाहनों के टायर फटने के कई मामले सामने आते हैं। टायर फटते ही वाहन अनियंत्रित हो जाने की वजह से दुर्घटनाएं होती है।

टायर में हवा बहुत ज्यादा या बहुत कम होना और ऊपर से तेज रफ्तार, यह करना खतरनाक साबित हो सकता है। असल में हवा का दबाव ठीक न होने के कारण तेजी से घूमते टायर में बहुत ज्यादा तनाव उत्पन्न होता है।

हवा के गलत दबाव के कारण पहिये का आकार चरमराने लगता है। बहुत देर तक ऐसा होने के बाद अचानक टायर फट जाता है। तेज रफ्तार में टायर फटना जानलेवा साबित हो सकता है। खास तौर पर आगे वाले टायर के फटने के बाद गाड़ी संभालनी मुश्किल हो जाती है।

भारत में भी आए दिन टायर फटने की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। जब भी टायर फटता है, तो चालक का वाहन पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाता है। टायर फटने के कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी यह कुछ तेज वस्तुओं से कट जाने की वजह से हो सकती है या यह हो सकता है कि टायर ठीक से बनाए ही नहीं गए थे।

वाहन की गति अत्यधिक तेज होने की वजह से भी टायर फटने की संभावना हो सकती है। अगर हाल के दिनों में देखे तो दिल्ली और यमुना एक्सप्रेसवे पर इन्हीं सारे कारणों की वजह से काफी दुर्घटनाएं हुई है।

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सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रिय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 2016 में 133 और 2017 में 146 लोगों की मौत सीमेंट कंक्रीट राजमार्ग पर टायर फटने की वजह से हुई है। इसे देखते हुए हमने टायर निर्माताओं को टायर के रबर के साथ सिलिकॉन और हवा के बजाय नाइट्रोजन का इस्तेमाल को अनिवार्य करने पर विचार कर रहे है।

परिवहन मंत्री ने आगे कहा कि "देश भर में सभी ईंधन स्टेशनों पर उपलब्ध कंप्रेस्ड हवा के साथ नाइट्रोजन का भी एक बड़ा प्रतिशत होता है। हालांकि नाइट्रोजन उन वहानों में इस्तेमाल होता है जो लंबी अवधि के लिए तेज स्पीड पर उपयोग किए जाते है। लेकिन अब इसे आने वाले वक्त में सभी वाहनों के लिए अनिवार्य करने पर विचार कर रहे है। क्योंकि नाइट्रोजन की रासायनिक संरचना इसे उच्च तापमान में भी अधिक स्थिर रखती है।"

अगर परिवहन विभाग इसे लागू कर देता है तो इसका असर आपके जेब पर भी होगा। क्योंकि जहां आप कंप्रेस्ड हवा के लिए 1 रुपयें या कोई भी राशि नहीं चुकाते हैं, वहां नाइट्रोजन के लिए आपको एक अच्छी कीमत अदा करनी पड़ेगी।

वाहनों के टायरों में नाइट्रोजन हवा के इस्तेमाल पर ड्राइवस्पार्क के विचार
वाहनों के टायरों में नाईट्रोजन हवा का इस्तेमाल का परिवहन मंत्री के द्वारा लिया गया सराहनीय कदम है। क्योंकि हाल के दिनों में दिल्ली - यमुना एक्सप्रेसवे पर टायर फटने की वजह से कई भयावह सड़क दुर्घटनाएं हुई है। लेकिन देश के अन्य हिस्सों में ये उन लोगों पर एक अनावश्यक खर्च के रूप में सामने आएगा।


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