लेडी मैकेनिक करती है रॉयल एनफील्ड की रॉयल सवारी, शहर के लोग कहते है बुलेट रानी
भारत की महिलाएं स्पेस तक पहुंच चुकी है। हमारे और आपके घर की गोल रोटियां बनाने से लेकर भारतीय महिलाओं ने गोल चांद को भी साध लिया है। इसका हाल में ही एक उदहारण देखने को मिला है, जब भारत ने चंद्रयान 2 को सफलता पूर्वक लॉन्च किया है।

इसरो की वैज्ञानिक एम वनिता और रितु करिधाल ने इस मिशन की अगुवाई की थी। इन दोनों महिलाओं की मेहनत से भारत ने चंद्रयान 2 को लॉन्च किया है। ऐसी भारतीय महिलाएं एक दो नहीं, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा करके देश का नाम ऊंचा किया है।

भारत में आपको हर कार्यक्षेत्र में महिलाओं की बराबर भागीदारी मिलेगी। आज भारतीय महिलाएं ट्रक जैसे भारी वाहन के पंचर बनाने से लेकर बस ड्राइवर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही है। ये भारत में ही मुमकिन है कि महिलाओं ने खुद को साबित करने के साथ मजबूती से हर पेशे में स्थापित भी किया है।

आज भी हमारे पास एक ऐसी ही महिला की कहानी है। ये महिला भी पुरुषों की धमक वाले पेशे में मजबूती से कार्य कर रही है। आज हम जिस महिला की बात कर रहे है, वो गोवा में लेडी मैकेनिक के नाम से प्रसिद्ध है।

मीत कौर गोवा की रहने वाली है। यह पेशे से रॉयल एनफील्ड मैकेनिक का कार्य करती है। यह बाइक के हर एक पुर्जे को अच्छी तरह से पहचानती है। मीत कौर को मोटरसाइकल के नए भागों को स्थापित, मरम्त और रॉयल एनफील्ड बाइक को समायोजित करना बहुत ही खूबसूरती से आता है।

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हालांकि मीत कौर सभी मोटरसाइकलों पर काम करती है। लेकिन रॉयल एनफील्ड पर काम करना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। मीत कौर अपने क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध है। इन्हें लोग लेडी मैकेनिक के रूप में जानते है। शहर में ऐसे कई लोग है, जो इनसे अपनी रॉयल एनफील्ड की सर्विसिंग करवाते है।

मीत कौर को बचपन से ही खराब गैजेट को ठीक करने में मन लगता था। साथ ही उनका झुकाव हमेशा मोटरसाइकलों के तरफ था। इसे जनून के वजह से उन्होंने मोटरसाइकलों के बारे में पढ़ना शुरू किया और मैकेनिक बनने का निश्चय किया।

हालांकि मीत कौर ने कभी कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया और मोटरसाइकिल के बारे में शोध करने के बाद उनकी सभी प्रतिभाएं समय के साथ विकसित हुईं। उनके शोध में उन्हें अधिक समझने के लिए मोटरसाइकिलों के वीडियो देखना भी शामिल है।

मीत यह भी कहती है कि वह यह सुनिश्चित करती है कि वह बाजार में लॉन्च हर नई मोटरसाइकल की जानकारी रखें। वर्तमान में, उन्हें अपने दो छोटे भाइयों - करमदीप और करमजीत से सहायता मिलती है।

एक पेशेवर मैकेनिक बनने की उनकी यात्रा आसान नहीं रही है। पहले वह इस डर से अपने पेशे को छिपाती थी कि लोग क्या कहेंगे। हालांकि, वह अब ऐसा नहीं करती है और अपने पेशे पर बहुत गर्व करती है।

मीत भारत की एकमात्र महिला रॉयल एनफील्ड मैकेनिक नहीं है। रांची की एक 20 वर्षीय महिला है, जो बेबी नाम से जानी जाती है। वही स्थानीय लोग उन्हें बुलेट गर्ल के नाम से बुलाते है।

वह अब सात साल से अधिक समय से रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों की मरम्मत कर रही है और इस क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय है। वह मोटरसाइकल सर्विस सेंटर की मालिक है।

वहीं ओडिशा के भुवनेश्वर की एक और महिला है, जो रॉयल एनफील्ड सर्विस सेंटर में काम करती है। साथी ही रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल की सवारी करती है। वह पिछले काफी समय से रॉयल एनफील्ड बाइक्स पर काम कर रही है।

महिला को स्थानीय लोग बुलेट रानी कहकर संबोधित करते है। ये पूरे शहर में मोटरसाइकिलों के बारे में अपने कौशल और ज्ञान के लिए बहुत लोकप्रिय है। वह कॉलेज में थी जब वह एक मैकेनिक के रूप में सेवा केंद्र में शामिल हुई और सर्विस सेंटर में काम सीखा।

ये तो भारत की कुछ महिलाओं का उदहारण है। भारत में आपको ऐसी कई उदहारण मिल जाएंगे, जहां महिलाएं पुरुषों के दबदबे वाले कार्यक्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। साथ ही अपने कार्यकुशलता से बेहतर कर आगे भी निकल रही है। इसलिए अगर आप कभी भी महिलाओं को इस तरह के काम करते देखे, तो चौकिएंगा मत।


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