भारत में सीएनजी कारों के बारें मे है यह झूठे मिथक, जानिये क्या है तथ्य
पिछले एक दशक में सीएनजी कार एक प्रदूषण-मुक्त वैकल्पिक वाहन के रूप में अधिक पसंद किये गए है। इसी के चलते मारुति सुजुकी ने भारत में फैक्ट्री फिटेड सीएनजी कारों को उतारा है।

मारुति सुजुकी भारत की पहली कार निर्माता कंपनी है जिसने भारत में फैक्ट्री फिटेड सीएनजी तकनीक को भारत में उतारा है। इस तकनीक को आमतौर पर एस-सीएनजी नाम से जाना जाता है, यह ग्राहकों को सभी तरह से बेहतर परफॉर्मेंस व सुरक्षा प्रदान करता है।

हालांकि, कई कार खरीदने की सोच रहे ग्राहकों को सीएनजी कारों को लेकर कई प्रकार की मिथक है। इससे पहले की आप सबसे बेहतर सीएनजी कार के बारें में सर्च करें, इससे जुड़े कुछ मिथक को दूर करना जरूरी है:

मिथक - सीएनजी कार का ड्राइविंग अनुभव पेट्रोल/डीजल कार के मुकाबले अच्छा नहीं है।
तथ्य - फैक्ट्री फिटेड सीएनजी कार चलाना किसी कन्वेंशनल पॉवर वाली कार चलाने जैसा ही है। क्योंकि इसका इंटीग्रेशन बहुत अच्छे से किया गया है, इसके इंजन, चेसिस, सस्पेंसन तथा ब्रेकिंग को अधिकतम परफॉर्मेंस व बेहतर ड्राइविंग अनुभव के लिए तैयार किया गया है।

मिथक - सीएनजी कार सुरक्षित नहीं होते है।
तथ्य - अपने वाहन में प्रेशराइज्ड गैस होना कोई खतरे की बात नहीं है, सीएनजी को गैस टैंक में 200 psi के प्रेशर के साथ स्टोर किया जाता है। जब फैक्ट्री फिटेड कार की बात आती है तो कंपनियां टैंक में उपयोग होने वाले उपकरणों पर बहुत ही अधिक ध्यान देती है। जैसेकि मारुति सुजुकी एस-सीएनजी तकनीक में फेरल जॉइंट व लीक प्रूफ डिजाइन सीएनजी सिस्टम के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करती है, साथ ही सीएनजी कारों को सीएनजी सिस्टम के साथ क्रैश-वॉर्थीनेस के लिए भी टेस्ट किया जाता है।

मिथक - सीएनजी कार की लिमिटेड रेंज होती है।
तथ्य - सीएनजी कारों में पेट्रोल इंजन लगाया जाता है, जब कार की सीएनजी खत्म होती है तो वह अपने आप पेट्रोल में स्विच कर लेता है। मारुति सुजुकी की एस-सीएनजी कारों में ऑटो-स्विच लगाया जाता है, जो कि पेट्रोल व सीएनजी में स्विच करन को आसान बना देती है। इसलिए सीएनजी कार में रेंज की कोई चिंता ही नहीं है।

मिथक - सीएनजी कारों के मेंटेनेंस में अधिक खर्च करना पड़ता है।
तथ्य - फैक्ट्री फिटेड सीएनजी कार में जैसे मारुति सुजुकी की एस-सीएनजी कारों को मेंटेन करना पेट्रोल/डीजल वाहनों जितना ही आसान है, इन्हें एक तय समय के बाद मेंटेंनेस की जरुरत पड़ती है। मान लीजिये अगर आपने एस-सीएनजी कार खरीदी तो आपको भारत में 3500 से अधिक सर्विस सेंटर का मजबूत नेटवर्क का साथ मिलेगा। इसका मतलब यह है कि आपको आपके पास में ही मारुति सुजुकी का आधिकारिक सर्विस सेंटर मिल जाएगा।

फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी कारों के प्रमुख लाभ:
खर्च: सीएनजी या कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस पेट्रोल/डीजल के मुकाबले सस्ता है। एस-सीएनजी कारों को चलाने का खर्च बाजार पेट्रोल या डीजल कार चलाने के मुकाबले सस्ता है।
ईको-फ्रेंडली: एस-सीएनजी ईंधन वाले वाहन कम उत्सर्जन करते है, जो कि बड़ी मेट्रो शहरों में प्रदूषण को रोकने के लिए एक प्रदूषण-मुक्त मोबिलिटी का बेहतर जरिया है।
सुरक्षित: एस-सीएनजी कारों का लीक प्रूफ डिजाइन तथा व इंटरग्रटेड वायरिंग को स्टैंडर्ड सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर क्रैश टेस्ट किया गया है, जो कि एस-सीएनजी कारों को पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले कुछ सालों में सीएनजी स्टेशन की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकार देश भर में सीएनजी इंफ्रास्टक्चर को बढ़ाने के लिए 70,000 करोड़ रुपयें निवेश करने वाली है, जिससे सीएनजी आसानी से प्राप्त हो सकेगी (1)। इस वजह से फैक्ट्री फिटेड सीएनजी कार का प्रचलन और बढ़ेगा, यह एक प्रदूषण-मुक्त साधन है, जो कि प्रभावी परफॉर्मेंस व विश्वसनीयता प्रदान करता है, साथ ही इसका माइलेज भी बहुत ही अच्छा है।
एस-सीएनजी कारों में परफॉर्मेंस व सुरक्षा कैसी है? अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।
उल्लेख:
(1) https://www.autocarpro.in/news-national/government-to-invest-rs-70-000-crore-in-cng-infrastructure--10-000-cng-stations-by-2030-40654


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