पेट्रोलियम मंत्रालय के सामने प्रस्ताव रखेगी सरकार, जल्द होगा इथेनॉल गैस स्टेशन का निर्माण
भारत में इकोफ्रेंडली वाहनों का इस्तेमाल की बात हो रही है। इसके लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। हाल में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों पर नजर डाले तो सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कई दिशा निर्देश दिए है।

साथ ही इस बार का आम बजट में भी ऑटो उद्योग में बड़े बदलाव को लेकर कई फैसले सरकार के तरफ से किए गए है। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दरों में छूट और 1.5 लाख रुपयें तक की ऋण माफ करने के बड़े ऐलान शामिल है।

वहीं इसमें पर्यावरण सुरक्षा के प्रति कई वाहन निर्माताओं ने भी अपनी दिलचस्पी दिखाई है। हाल में ही टीवीएस मोटर्स द्वारा देश की पहली इथेनॉल से चलने वाली मोटरसाइकल को लॉन्च किया गया है।

वही इस कदम पर सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय भी कार्य कर रहा है। सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय जल्द ही भारत में इथेनॉल गैस स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के सामने यह प्रस्ताव को जल्द ही रखा जाएगा।

सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी ने इस पर कहा है कि इथेनॉल गैस स्टेशन से गन्ना किसानों को भी लाभ पहुंचेगा। भारत में इथेनॉल गैस स्टेशन से अर्थव्यवस्था में लगभग 2 करोड़ तक की बढ़ोत्तरी का अनुमान है।

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टीवीएस अपाचे आरटीआर इथेनॉल के लॉन्च के दौरान गडकरी ने कहा कि उनका कार्यालय जल्द ही पेट्रोलियम मंत्री के सामने इथेनॉल गैस स्टेशनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव रखेगा।

पिछले साल इथनॉल इकोनॉमी (वित्त वर्ष 2018-19) 11,000 करोड़ रुपये थी, और चालू वित्त वर्ष के दौरान इसके बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है। श्री गडकरी ने कहा कि उनका कार्यालय इस क्षेत्र को 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।

वित्त वर्ष 2018-19 में इथेनॉल इकोनॉमी 11,000 करोड़ रुपयें की थी और इस वर्ष बढ़कर 20, 000 करोड़ रुपयें की हो जाएगी। लेकिन भविष्य में हम इस आकड़े को 2 लाख करोड़ रुपयें तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते है। गडकरी ने आगे कहा, "अगर किसानों के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का विविधीकरण किया जा सकता है, तो यह कृषि क्षेत्र के लिए अधिक रोजगार पैदा करेगा, देश के आयात बिल को कम करेगा, और देश की जीडीपी को भी बढ़ाने में मदद करेगा।"

"हम पिछले 12 वर्षों से भारत में वाहन निर्माताओं को 100 प्रतिशत जैविक इथेनॉल पर संचालित होने वाले वाहनों को बनाने के लिए प्रेरित कर रहे है। क्योंकि अभी कच्चे तेल के आयात के लिए हम 7 लाख करोड़ रुपयें से अधिक खर्च कर रहे हैं।"इसके इस्तेमाल से प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न होती है। विशेषकर भारत के कई ऐसे शहर है, जहां प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। अब समय प्रदूषण से निपटने का है। इसलिए जैविक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहिए।

ईथेनॉल गैस स्टेशनों के लिए देश में प्रयाप्त तकनीक है और प्रदूषण से लड़ने के लिए हमें इसका इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि देश के ऑटो निर्माता इथेनॉल वाहन का निर्माण नहीं कर रहे थे। इस वजह से पेट्रोलियम मंत्रालय भी इथेनॉल गैस स्टेशन का निर्माण नहीं कर रहा था।

लेकिन भारत का ऑटो उद्योग अब इथेनॉल को लेकर पहल कर रहा है, तो उम्मीद है की भारत में आप इथेनॉल गैस स्टेशन को जल्द देखेंगे। इस पूरे योजना में पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ नीति आयोग को भी शामिल किया जाएगा।

इथेनॉल का इस्तेमाल रॉकेट के ईंधने के रूप में किया जाता रहा है। वर्तमान में यह रेसिंग विमान के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है। यह पेट्रोल से काफी सस्ता भी है। भारतीय बाजार में पेट्रोल की कीमत 72 रुपयें लीटर है, वही इथेनॉल 52 रुपयें लीटर प्रति लीटर में उपलब्ध है।


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